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Sambhal: सौंधन किले के आसपास बने मकान आखिर क्यों तोड़े जा रहे, मुगल बादशाह शाहजहां के दाैर में हुआ था निर्माण

Fri, 04 Jul 2025 04:26 PM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, संभल

सार

संभल तहसील के गांव सौंधन में स्थित मुगलकालीन किले के गेट को संवारने का कार्य जल्द शुरू होने वाला है। एएसआई के आदेश के बाद किले के आसपास हुए अवैध निर्माण को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन के नोटिस के बाद ग्रामीणों ने खुद ही अपने मकान तोड़ने शुरू कर दिए हैं। 
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संभल का साैंधन किला - फोटो : संवाद
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विस्तार
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संभल तहसील के गांव सौंधन में स्थित मुगलकालीन किले के गेट को जल्द ही संवारने का कार्य शुरू होगा। लाल बजरपुर एएसआई द्वारा मौके पर भेज दिया गया है। जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है। वहीं, दूसरी ओर एएसआई संरक्षित स्मारक के आसपास अवैध तरीके से जो निर्माण किए गए हैं।

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उनको हटाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने खुद ही अपने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। इसी क्रम में यह अतिक्रमण हटाया जा रहा है। जिले में नौ स्मारक एएसआई संरक्षित है।

इसमें सौंधन का मुगलकालीन किला भी शामिल है। सौंधन का किला मुगल बादशाह शाहजहां के दौर का बना हुआ है। 1645 ईसवीं में इसका निर्माण किए जाने की जानकारी सामने आती है। इस किले का विशाल गेट इसकी भव्यता को दर्शाता है लेकिन समय के साथ-साथ हुई अनदेखी के चलते इसका किले का वजूद खत्म होने की कगार पर है।
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गेट ही कभी किला होने का अहसास कराता है। प्रशासनिक अधिकारियों ने एएसआई की टीम के साथ जनवरी में निरीक्षण किया था। उस समय पैमाइश के मुताबिक अतिक्रमण काफी था। उसी समय ग्रामीणों को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। अब यह अतिक्रमण हटाया जा रहा है।

तीन मकानों को तोड़ने का काम शुरू किया गया है। वहीं फिरोजपुर में बना किला भी मुगलकाल का ही बना हुआ है। इस किले के आसपास भी अतिक्रमण है। जिले के अधिकारियों ने एएसआई की टीम के साथ मिलकर निरीक्षण किया था। उसके बाद अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि अभी तक अतिक्रमण हटाया नहीं गया गया है। यह अतिक्रमण भी लंबे समय से किया गया है।

आधे गांव की आबादी रहती है इस किले की परिधि में
 निरीक्षण के दौरान एएसआई के द्वारा जो नक्शा देखा गया था उसके मुताबिक गांव की बड़ी आबादी किले की परिधि में रहती है। किले के गेट के आसपास भी कब्जा जमा रखा है। इस अतिक्रमण को हटाने के लिए ही एएसआई द्वारा प्रशासन से आग्रह किया गया था। अभी तो गेट के सामने का ही कब्जा हट रहा है।

मुगलकाल में रुस्तम खान दक्खनी ने कराया था किले का निर्माण
मुगल बादशाह शाहजहां की सल्तनत में संभल व मुरादाबाद के फाैजदार रहे रूस्तम खान दक्खनी ने संभल जिले के सौंधन में इस किले का निर्माण कराया था। यह किला स्थापत्य कला की खूबसूरती और तत्कालीन दौर की यादगार निशानियों में से एक है। किले का निर्माण 1645 ईसवीं में होने का उल्लेख एएसआई के रिकार्ड में दर्ज है।

 
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