फर्जी आधार कार्ड गिरोह के चार सदस्य पहले ही जा चुके हैं जेल
एएसपी ने बताया कि आधारकार्ड में फर्जी तरीके से संशोधन कर आयु कम करने वाले गिरोह के चार सदस्यों जिला बदायूं के थाना उझियानी के गांव अनोला निवासी आशीष समेत वैनी नगला निवासी धर्मेंद्र, निजामपुर निवासी रौनक व दिल्ली के तिमारपुर के बजीराबाद निवासी कासिम को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
ग्रुप को दे रखी थी तिवारी सोल्यूशन नाम से फर्जी पहचान
एएसपी के मुताबिक आरोपी छात्र ने बताया कि उसने ही फर्जी आधारकार्ड बनाकर आयु संशोधन करने वाले गिरोह के सदस्य आशीष को आधारकार्ड, जन्म प्रमाण पत्र व पासपोर्ट के पोर्टल बनाकर दिए थे। उसने बताया कि, इसे हमारी भाषा में प्रिंट पोर्टल कहा जाता है।
इन पोर्टल के माध्यम से ये लोग फर्जी अभिलेख तैयार करके सेव कर लेते थे और जरूरत पड़ने पर आधारकार्ड में बदलाव कर लेते थे। छात्र का कहना था कि करीब 3 वर्ष से वह यह कार्य कर रहा है। साथ ही अलग पहचान बनाने के लिए उसने अपने ग्रुप को तिवारी सोल्यूशन का नाम दे रहा था।
जिससे कि वह अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके और अधिक से अधिक काम मिलने पर फायदा हो सके। उसने बताया कि उसने ही आशीष समेत रौनक, धर्मेंद्र व कासिम को इनकी डिमांड पर पोर्टल दिए थे।
पंचम सिंह के दो आधारकार्ड सामने आने के बाद हुआ था खुलासा
गांव बहरौली ताहरपुर निवासी चंद्रसेन की शिकायत पर एक मामला दर्ज किया गया था। इसमें थाना धनारी के गांव भागनगर निवासी विनोद ने उसके मरणासन्न बेटे के नाम से धोखाधड़ी करके ट्रैक्टर खरीदा था। इसके बाद बेटे की मौत हो जाने पर गैर कानूनी तरीके से ट्रैक्टर बेच दिया था।
इसके अलावा विनोद ने अपने पिता पंचम सिंह के फर्जी तरीके से दो आधारकार्ड बनवाकर 21 वर्ष आयु कम करा ली थी। बाद में आरोपी विनोद ने इससे पीएमजेजेवाई योजना की पॉलिसी कराकर लाभ ले लिया था। पूरे मामले में कोतवाली में आरोपी विनोद के नाम रिपोर्ट दर्ज की गई थी और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पूरे मामले की गहनता से जांच की गई थी और आधारकार्ड में फर्जी तरीके से संशोधन करने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।