अगले दिन एक नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने बताया कि वह यूट्यूब का प्रतिनिधि बोल रहा है। मेरे पास तुम्हारी अश्लील वीडियो है। जिसे मैं सोशल मीडिया पर वायरल कर रहा हूं, अगर इसे रुकवाना चाहते हो तो मेरे बताए खाते पर पैसे ट्रांसफर कीजिए। परेशान व्यापारी आरोपी के चंगुल में फंस गया और उसने पहले दिन नौ हजार पांच सौ रुपये जमा कर दिए। इसके बाद आरोपी की डिमांड बढ़ती गई है। उसने कभी पांच हजार, कभी दस हजार, कभी पचास हजार, कभी नौ हजार रुपये ट्रांसफर कराए।
वह बार-बार परेशान करके पीड़ित से रुपये ट्रांसफर कराने लगा। इसी बीच एक नए नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताया। उसने धमकी दी कि उनके पास एक वीडियो आई है। इस वीडियो के आधार पर हम तुम्हें और तुम्हारे परिवार को गिरफ्तार करने आ रहे हैं। धमकी देकर उसने भी व्यापारी से पैसे जमा करा लिए। पीड़ित ने इसकी जानकारी अपने परिवार को दी तब उन्होंने रुपये जमा करने से मना कर दिया। इसके बाद आरोपी फिर से धमकी देने लगे।
आरोपी पीड़ित से अब तक आठ लाख 94 हजार 151 रुपये ट्रांसफर करा चुके हैं। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत संभल पुलिस से की। इसके बाद व्यापारी को मुरादाबाद स्थित साइबर अपराध थाने भेज दिया गया। साइबर अपराध थाना निरीक्षक आरके सिंह ने बताया केस दर्ज कर लिया गया है। साइबर ठगों के बारे में जानकारी की जा रही है।
फैक्टरी कर्मी से लाखों की ठगी
मुरादाबाद के मैनाठेर के लालपुर गंगवारी निवासी महावीर सिंह से साइबर ठगों ने क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट करने का झांसा देकर उनसे ओटीपी पूछ लिया था। एक नवंबर से दो नवंबर के बीच साइबर ठगों ने उनके खाते से पांच लाख 94 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए थे। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत पुलिस और साइबर अपराध थाने में की है। पीड़ित का कहना है कि आरोपी फिर से उसे कॉल कर ओटीपी पूछ रहे हैं। जिससे परेशान होकर पीड़ित ने अपना नंबर बंद कर लिया है।
व्यापारी नेता से साइबर ठगी की कोशिश
मुरादाबाद कोतवाली के खुशहाल नगर निवासी हरीश भसीन व्यापारी नेता हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार शाम उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया था। जिसमें लिखा था कि उनका बिजली बिल जमा नहीं हुआ है। जबकि हरीश भसीन पहले ही बिजली जमा कर चुके हैं। व्यापारी ने सतर्कता दिखाई और उन्होंने आरोपी द्वारा भेजे गए नंबर पर कॉल नहीं की।
सावधानियां
- साइबर ठग पहले वीडियो कॉल करते हैं, फिर कॉल कर धमकी देते हैं कि उनके पास अश्लील वीडियो है। जिसे वह सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर लोगों को ठग रहे हैं। ऐसे ठगों के चंगुल में न फंसे। तुरंत इस मामले की शिकायत पुलिस से करें। साइबर ठग मैसेज, व्हाट्सएप पर लोगों को पार्ट टाइम या फुल टाइम जॉब, घर बैठे व्यापार करने का झांसा देकर साइबर ठगी कर रहे हैं। अगर इनके बताए गए नंबरों पर कॉल करेंगे या इनके द्वारा बताई गई प्रक्रिया को फॉलो करोगे तो साइबर ठगी के शिकार हो सकते हैं।
-डेबिट व क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट कराने के लिए बैंक शाखा जाकर संपर्क करें।
-कोई भी बैंक, बीमा कंपनी आपके खाते, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड की जानकारी नहीं मांगती है, अगर कोई पास से फोन पर जानकारी मांग रहा है तो वह साइबर ठग हो सकता है। ऐसे लोगों से फोन पर कोई जानकारी शेयर नहीं करें।
- मोबाइल पर आने वाला ओटीपी किसी को शेयर नहीं करें।
- मोबाइल पर बार-बार खाते से रुपये निकलने के मैसेज आ रहे हैं तो इसकी सूचना बैंक में देने में देरी नहीं करें।
ठगी होने पर इस तरह वापस आ सकती है रकम
- साइबर अपराध होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। 24 से 48 घंटे के अंतराल में आपके धन को वापस कराने की अधिक संभावना रहती है।
- साइबर अपराध थाना प्रभारी मो. नं. 7839876646 एवं साइबर सेल मोबाइल नंबर 9454401742, हेल्पलाइन नंबर-1930
- साइबर ठगी होने पर घबराकर गूगल पर नंबर सर्च कर तुरंत कॉल न करें। यहां भी साइबर अपराधियों ने अपने नंबर, फर्जी ईमेल आईडी अपलोड कर रखे हैं। बैंक शाखा जाएं और उनके नंबरों पर ही कॉल करें।