इसी दौरान अंदर फंसे लोगों की आवाजें आ रही थीं। हमारा प्रयास था कि लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए लेकिन यहां दिक्कत ये रही थी कि जेसीबी चलवाए तो अंदर फंसे लोगों की जिंदगी को और खतरा रहेगा। उनके हाथ पैर अगर जेसीबी की चपेट में आएंगे तो उनके हाथ व पैर अलग हो सकते हैं।
हमारी टीम ने दो लोगों को जिंदा निकाला और उन्हें अस्पताल भिजवा दिया गया। अब रेस्क्यू ऑपरेशन और ज्यादा कठिन हो गया था। क्योंकि बेसमेंट में फंसे लोगों को बाहर निकलने के लिए रास्ता नहीं मिल पा रहा था। इसके लिए दीवार तोड़ी गई।
तब हमारी टीम के सदस्य अंदर घुसे और वहां फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। अफसोस बेसमेंट में फंंसे किसी भी व्यक्ति की जान नहीं बच पाई। शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे ऑपरेशन बंद किया गया।
एक घायल को किया गया मेरठ रेफर
मुरादाबाद। शीतगृह की छत के मलबे में दबकर घायल हुए कैथल निवासी राममोहन, राजेंद्र, रामनगर निवासी रूप सिंह, एतोल निवासी महेश को टीएमयू में भर्ती कराया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर रूप सिंह को मेरठ रेफर कर दिया गया है।