नगर के मोहल्ला फतेहउल्ला सराय निवासी शमीम की पत्नी मुमताज को शुक्रवार को सुबह नौ बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। आरोप है भर्ती करते समय पांच सौ रुपये ले लिए गए। दिन में दस बजे मुमताज ने एक बेटे को जन्म दिया। इसके बाद फिर से 600 रुपये ले लिए गए।
शाम छह बजे शमीम ने अपनी पत्नी की अस्पताल से छुट्टी करानी चाही तो 500 रुपये की मांग की गई। मना करने पर छुट्टी करने से मना कर दिया। परिजनों का कहना है कि जब बच्चे को बाहर दूध पिलाने का प्रयास किया तो उसे भी रोका गया। परिजनों का आरोप है कि जिसके चलते नवजात की हालत खराब हो गई और रात नौ बजे नवजात ने दम तोड़ दिया। नवजात की मौत के बाद शमीम ने परिजनों को बुला लिया। प्रसव से पहले और प्रसव के बाद रुपये लिए जाने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगा कर परिजनों ने हंगामा किया।
किसी ने पुलिस को खबर दी। पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तहरीर मांगी लेकिन परिजनों ने तहरीर नहीं दी। इस बीच सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधीक्षक ने रुपये मांगे जाने से इनकार किया है। साथ ही जांच कराने की बात कही है।
थम नहीं रही लापरवाहीः सरकारी चिकित्सा सेवाओं पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में उपचार की समुचित व्यवस्थाएं नहीं हैं। उस पर भी लापरवाही हो जाए तो मरीज की जान पर बन पड़ती है।
नवजात की मौत की जानकारी मिल गई है। पीड़ित परिवार ने स्टाफ पर रुपये लेने का आरोप लगाया है। शनिवार की सुबह स्टाफ व पीड़ित परिवार को बुलाया जाएगा। इसके बाद ही पता चलेगा कि किसने रुपये लिए हैं। अगर किसी ने उपचार के नाम पर रुपये लिए होंगे तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नवजात की मौत के कारण भी पता लगाया जा रहा है।
डॉ. जुहेब करीम, प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संभल
मैं लखनऊ में मीटिंग में हूं। अभी घटना की जानकारी नहीं है। पता करके शनिवार को हकीकत बताऊंगा। यदि लापरवाही हुई है तो कार्रवाई होगी।-डा. उमराव सिंह, सीएमओ।