इस पर तत्काल पुलिस-प्रशासन हरकत में आ गया। थाना बनियाठेर प्रभारी मनोज कुमार वर्मा फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। एसडीएम आशुतोष तिवारी और सीओ दीपक तिवारी भी पहुंच गए। अधिकारियों ने लोगों से प्रतिमा लगाए जाने पर अनुमति मांगी तो को अनुमति दिखा नहीं सका।
इसके पुलिस ने प्रतिमा को हटाने का काम शुरू किया तो महिलाएं विरोध में आ गई। पुलिस ने तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने महिलाओं को शांत कराया और प्रतिमा को हटवा कर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया। लेखपाल ने अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।
पहले भी हो चुका है विवाद
ग्रामीणों ने बताया कि गांव बैरीखेड़ा में पहले भी विवाद हो चुका है। ग्रामीणों ने नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि गांव में हर साल माघ मास में प्रभात फेरी निकाली जाती है। अंतिम दिन भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है। दो-तीन साल पहले गांव में माघ मास की शोभायात्रा निकाली जा रही थी। एक समाज के मोहल्ले से शोभायात्रा गुजरी तो लोगों ने विरोध करते हुए शोभायात्रा को रोक दिया था। जिससे विवाद हो गया था।
गांव बैरीखेड़ा में खाद के गड्ढे की भूमि पर बिना अनुमति के डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगा दी गई। इस संदर्भ में कुछ ग्रामीणों ने सोमवार को शिकायत की थी। शिकायत पर पुलिस के साथ मौके पर जाकर जानकारी की गई और प्रतिमा को सम्मान पूर्वक थाना बनियाठेर में रखवा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
आशुतोष तिवारी, एसडीएम चंदौसी।