संभल। आखिरकार शहर के मोहल्ला ठेर में स्थित शिव मंदिर से साईं बाबा की प्रतिमा को हटा दिया गया। लोगों ने साईं बाबा की प्रतिमा का विसर्जन अनूपशहर में गंगा में किया। अब मंदिर में गणेश जी की मूर्ति बुधवार को स्थापित की जाएगी। मंदिर के पुजारी ने कहा कि साईं बाबा और उनकी पूजा के लिए कोई आस्था नहीं है तो ऐसे में साईं बाबा की प्रतिमा को हटा दिया गया है। मोहल्ला ठेर में वर्ष 1992 में शिव मंदिर का निर्माण हुआ था। पांच जुलाई 2011 को मोहल्ला कोट पूर्वी निवासी अशोक राज भंडूला की पत्नी राजरानी की स्मृति में उनकी बेटी और दामाद ने मंदिर में साईं बाबा की प्रतिमा लगवाई थी। शुक्रवार को हुई बैठक में मंदिर के पुजारी आचार्य अवनीश शास्त्री और श्रद्धालुओं ने साईं बाबा की प्रतिमा को हटाने का फैसला लिया तो चर्चा का माहौल बन गया। यह भी तय हुआ कि मंदिर में 27 अगस्त को गणेश जी मूर्ति स्थापित की जाएगी।
रविवार से ही साईं बाबा की प्रतिमा को हटवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। पहले प्रतिमा के आसपास लगी प्लाई और फिर स्टील की रेलिंग हटवाई गई। मंगवार को तड़के में लोगों ने साईं बाबा की प्रतिमा भी मंदिर से हटवा दी। लोग साईं बाबा की प्रतिमा को लेकर अनूपशहर गंगा पहुंचे। प्रतिमा को गंगा में विसर्जित कर दिया गया।
पंडित अवनीश शास्त्री ने कहा कि शिव मंदिर से साईं बाबा की प्रतिमा वर्ष 2011 में स्थापित की गई थी। उस समय लोगों में श्रद्धाभाव था। धीरे-धीरे लोगों में श्रद्धाभाव खत्म हुआ और साईं बाबा की प्रतिमा का विरोध शुरू हो गया। जिन लोगों ने प्रतिमा लगाई थी उनसे बात करके प्रतिमा को हटवा दिया है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में साईं बाबा की पूजा विधि नहीं है। शास्त्रों, पुराणों, ग्रंथों, वेदों में कोई श्लोक, मंत्र और जिक्र नहीं है। सनातन धर्म में जिक्र नहीं तो मंदिर में भी कोई स्थान नहीं होना चाहिए। इसलिए प्रतिमा को यहां से विस्थापित करके गंगा जी में विसर्जन कर दिया गया है।
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साईं बाबा के लिए लोगों में नहीं आस्था, इसलिए हटाई प्रतिमा
संभल। मोहल्ला ठेर निवासी कमलकांत तिवारी ने बताया कि सभी लोगों ने मंदिर से साईं बाबा की मूर्ति का विसर्जन अनूपशहर गंगा में कर दिया है। अमित कुमार गुप्ता ने कहा साईं बाबा के लिए कोई आस्था नहीं है, सनातन धर्म में कोई मान्यता नहीं है, इसलिए हटाया गया है। नीरज कुमार गुप्ता ने कहा कि साईं बाबा की कोई पूजा नहीं करता है।