स्टेशन रोड, संभल गेट, फव्वारा चौक, रामस्वरूप रोड, विकास नगर, कचहरी में जलभराव से राहगीरों को आवागमन में दिक्कत हुई। जलभराव से उप जिलाधिकारी आवास, कोतवाली, संयुक्त चिकित्सालय, कचहरी में भी पानी भर गया।
जलभराव के कारण स्टेशन रोड, रामस्वरूप रोड, मुंसिफ रोड पर दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं।
उधर, सड़कों पर जलभराव होने के कारण राहगीरों ने रिक्शों का सहारा लिया। राहगीरों की मजबूरी और दूसरे साधन नहीं होने के चलते रिक्शा चालकों ने जलभराव से पार कराने के लिए चंद कदमों की मनमानी रकम वसूली।
कच्चे मकान की दीवार गिरी दबकर महिला घायल
चंदौसी(ब्यूरो)। थाना बनियाठेर के गांव में कच्चे मकान की दीवार गिर गई। इसके मलबे में दबकर महिला घायल हो गई। संयुक्त चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के बाद महिला को मुरादाबाद रेफर कर दिया। बनियाठेर थाना क्षेत्र के ग्राम अकरौली निवासी भूरे खां पुत्र रहमत खां बुधवार की सुबह छह बजे घर के बाहर बैठक में सोया हुआ था। परिवार के अन्य लोग भी सोए हुए थे। भूरे की पत्नी मलिका बेगम भैंस को चारा डालने गई।
इसी दौरान उसके ऊपर मकान की कच्ची दीवार भरभरा कर गिर गई। इसके मलबे में मलिका दब गई। मलिका के चीखने पर परिजन दौड़कर वहां पहुंचे और पड़ोसी भी आ गए। इनकी मदद से मलिका को मलबे से बाहर निकाल लिया गया। एंबुलेंस गांव पहुंची और मलिका को संयुक्त चिकित्सालय ले आई। यहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे मुरादाबाद रेफर कर दिया गया।
24 घंटे में नरौरा में गंगा का जल स्तर बढ़ने की आशंका, प्रशासन सतर्क
गुन्नौर/संभल(ब्यूरो)। गुन्नौर तहसील में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। अगले चौबीस घंटे में गंगा नदी का जल स्तर बढ़ सकता है। तहसील प्रशासन इसे लेकर सतर्क है। गुन्नौर के तहसीलदार प्रदीप कुमार ने बताया कि सिंचाईं विभाग से मिली जानकारी के आधार पर पानी बढ़ने की आशंका व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि तहसील के लेखपालों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं।
हरिद्वार और बिजनौर से गंगा नदी में पानी छोड़े जाने पर गंगा का नरौरा में जल स्तर बढ़ जाता है। तहसील प्रशासन ने अपने लेखपालों को बाढ़ प्रभावित गांवों में ड्यूटी पर लगाया है। उन्होंने बताया कि मंगलवार के मुकाबले बुधवार को पानी घटा है लेकिन अगले चौबीस घंटे में पानी बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को 91,000 क्यूसेक पानी था। बुधवार को यह पानी 87643 क्यूसेक हो गया। यानि 3357 क्यूसेक पानी घटा है। उन्होंने बताया कि 2.5 क्यूसेक पानी होने पर गंगा खतरे के निशान को छू पाएगी।