वे दूसरे देशों में कई वर्षों से रहने के बाद भी अपनी परंपराओं को जीवंत बनाए हुए हैं। सिंगापुर से लेकर कनाडा, शिकागो और लंदन में भी दिवाली और धनतेरस को लेकर भारतीयों में उत्साह है। सिंगापुर में तो भारतीय लोगों के लिए लिटिल इंडिया के नाम से एक पूरा मार्केट ही है।
सिंगापुर की सरकार भी दिवाली उत्सव को प्रोत्साहित कर रही है। मेट्रो ट्रेन के साथ मेट्रो स्टेशन भी सजा है। मेट्रो ट्रेन में भी दिवाली की रंगोलियां बनाईं गई हैं। वहीं स्टेशनों से लेकर सड़कों तक दिवाली के लिए खास तरीके की सजावट की गई है। सिंगापुर, लंदन, कनाडा, शिकागो में रहने वाले तमाम भारतीय परिवार इससे उत्साहित हैं। त्योहार के लिए खरीदारी करने के साथ साथ अपने अपने घरों की साफ-सफाई में व्यस्त हैं।
संभल। कनाडा में निजी कंपनी संचालित कर रहीं भारतीय मूल की कविता ने कहा कि अभी करवाचौथ का त्योहार मनाया था। अब दिवाली की तैयारी चल रही है। शिकागो से गरिमा भार्गव ने कहा कि भारतीय त्योहार हमें अपनापन देते हैं। इसलिए विदेश में रह कर भी हम अपना कोई त्योहार नहीं छोड़ते।
संभल। मूलरूप से संभल सरायतरीन की निवासी गार्गी वार्ष्णेय सिंगापुर में शिक्षिका हैं। उन्होंने बताया कि सिंगापुर में वह एक महीने से त्योहार की तैयारी कर रही हैं। त्योहार को बड़े ही धूमधाम से मनाएंगेे। दीये की रोशनी बिखेरेंगे। मिठाई खाएंगे और पड़ोसियों को भी खिलाएंगे। वहीं, मूलरूप से चंदौसी की निवासी लंदन में रहने वाली गृहणी निमिषा गुप्ता ने बताया कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ दिवाली मनाने की तैयारी है। हमारी दिवाली में केवल भारतीय नहीं बल्कि विदेशी भी शामिल होते हैं। उस दिन भारतीय परिवार अपनी परंपरागत पोशाक में होंगे और जगह-जगह मेले लगेंगे। मेलों में दिवाली की मिठाईयां और पकवान मिलेंगे। लंदन में दिवाली के मौके पर ही बोनफायर नाइट भी होती है।
सिंगापुर का बाजार रंगबिरंगी रोशनी और खूबसूरत सजावटी सामान से सजाया जा चुका है। भारतीय सामान की बिक्री के लिए मशहूर बाजार सरंगून में खरीदारी करने के लिए रोजाना शाम को भीड़ हो रही है। यहां दिवाली पर नए कपड़े पहनने का फैशन है। इसलिए कपड़ों और दर्जियों की दुकानों पर खड़े होने तक की जगह नहीं है। भारतीय घर की साफ-सफाई और सजावट में भी लगे हैं। दिवाली का त्योहार सिंगापुर में धनतेरस के साथ ही शुरू हो गया। दक्षिण भारतीय लोगों की संख्या यहां ज्यादा है। वे लोग नरक चतुदर्शी के दिन ही दिवाली मनाते हैं। इसलिए शुक्रवार को शाम ही दिवाली धूम हो गई है। पटाखों के साथ साथ घंटियों की गूंज हो रही है। (सिंगापुर में मौजूद शिक्षिका गार्गी वार्ष्णेय से बातचीत के आधार पर)