संभल। कांवड़ियों के लिए नगर के सूरजकुंड मंदिर पर भंडारा लगाने जा रहे हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को मंदिर प्रबंधन समिति के रोकने पर हंगामा हो गया। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन शुरू किया तो एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंच गए। धरना प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया गया। इसके बाद देर रात सहमति बनी। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने संभल कोतवाली के प्रभारी ओमकार सिंह के व्यवहार पर नाराजगी जताई। आरोप लगाया की कोतवाली के प्रभारी ने धमकाते हुए कहा है की भंडारा नहीं किया जाए, नहीं तो सामान भर के ले जाया जाएगा । संभल के सूरज कुंड मंदिर के मुख्य गेट पर विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य कई हिंदू संगठन के कार्यकर्ता शिवतेरस के अवसर पर कांवड़ियों के लिए भंडारा लगाने की तैयारी के लिए बृहस्पतिवार की रात सूरजकुंड मंदिर पर पहुंचे थे। शुक्रवार की सुबह से भंडारा कराया जाना है। इसी दौरान मंदिर प्रबंधन समिति ने मुख्य गेट पर आयोजन कराने से इंकार कर दिया। इसी पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ता भड़क गए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष अमित वार्ष्णेय ने बताया कि यह भंडारा हर वर्ष कांवड़ियों के लिए लगाया जाता है। मंदिर प्रबंधन समिति इसका विरोध कर रही है। कोतवाली प्रभारी ने भी टेंट उखाड़ कर ले जाने की धमकी दी है। इसी विरोध में धरना प्रदर्शन शुरू किया है। प्रशासन के समझाने पर देर रात धरना प्रदर्शन खत्म किया गया और भंडारा लगाने पर सहमति बनी। मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डोरी लाल शर्मा ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से बात की ओर कहा की जहां प्रशासन चाहे वहां भंडारा करा दे। एसडीएम ने वार्ता कर तय कराया की भंडारे की तैयारी मंदिर परिसर में कराई जाएगी और भंडारा कावड़ियों को को गेट पर खिलाया जाएगा।
कोट
मंदिर प्रबंधन समिति और हिंदू संगठनों के बीच भंडारा कराने पर सहमति बन गई है। इनका विवाद पूर्व में भी रहा है। इसका समाधान शिवतेरस के बाद कराया जाएगा। जिससे आने वाले वर्षों में किसी तरह का विरोध न रहे।
सुनील कुमार, एसडीएम, संभल।