संभल। आरटीपीसीआर की जांच लंबित होने से संक्रमित मरीजों के संपर्क में रहे लोगों की ट्रेसिंग में दिक्क्त हो रही है। पहले आरटीपीसीआर की जांच रिपोर्ट 72 घंटे के भीतर आ जाती थी, लेकिन अब रिपोर्ट आने में 6 से 7 दिन का समय लग रहा है। ऐसे में संक्रमित के संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग नहीं हो पाने के कारण संक्रमण के फैलने का खतरा बना हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आरटीपीसीआर की जांच लंबित होने का कारण लैब पर ज्यादा नमूने पहुंचना है। इसी के चलते लगातार जांच रिपोर्ट में देरी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के सर्विलांस अधिकारी डा. मनोज चौधरी ने बताया कि जिले के आरटीपीसीआर की जांच के नमूने नोएडा लैब जाते हैं। वहां जांच का लोड ज्यादा हो रहा है। इसलिए रिपोर्ट मिलने में देरी हो रही है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट में देरी के चलते जल्द ही लखनऊ स्थित लैब से सैंपलों की जांच कराई जा सकती है।