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आरएसएस की प्रभात फेरी के दौरान मार्ग को लेकर विवाद

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संभल। संभल के मोहल्ला कोट पूर्वी में डाकखाना मार्ग पर उस समय विवाद के हालात बन गए जब श्रीराम मंदिर निर्माण निधि समर्पण अभियान के तहत आरएसएस व भाजपा कार्यकर्ता प्रभात फेरी निकाल रहे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने प्रभात फेरी की गाड़ी निकालने का विरोध किया और निर्धारित रास्ते से ही गाड़ी लेकर जाने की बात कही। इस पर पुलिस प्रशासन ने सतर्कता दिखाई। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने किसी तरह लोगों को समझाया और हंगामा शांत कराया।
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संभल कोतवाली क्षेत्र के सरथल चौकी मंदिर से आरएसएस की प्रभात फेरी रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे शुरू की गई। प्रभात फेरी डाकखाना मार्ग पर बढ़ रही थी। सरथल चौकी पार करने के बाद रहीसों वाले मंदिर से आगे डाकखाने को जाने के लिए दो सड़कें हैं। इनमें एक सड़क संकरी और दूसरी चौड़ी है। प्रभात फेरी का वाहन चौड़े मार्ग की ओर बढ़ा तो कुछ लोगों ने उसे रोक कर विरोध कर दिया। पुलिस प्रभातफेरी के साथ थी। पुलिस क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह फोर्स के साथ थे। उन्होंने लोगों को समझाया तो थोड़ी नोकझोंक हुई। उन्होंने गाड़ी को दूसरे मार्ग से वापस करा दिया।
वहीं दूसरी ओर गाड़ी रोकने की सूचना प्रभात फेरी निकाल रहे लोगों को हुई तो वह पुरानी तहसील के मार्ग पर धरना देने बैठ गए। धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि उनकी गाड़ी मोड़ पर मुड़ नहीं पाई इसलिए चौड़े वाले मार्ग के सामने से गाड़ी निकाली जा रही थी। मार्ग सार्वजनिक है तो उसे कोई कैसे रोक सकता है। वहीं कुछ लोगों ने बिना अनुमति के प्रभात फेरी निकालने का मुद्दा उठाया। धरना स्थल पहुंचे अपर जिलाधिकारी केके अवस्थी, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार जायसवाल, पुलिस क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह व उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव ने धरने पर बैठे लोगों को शांत किया और कार्रवाई का आश्वासन देते हुए प्रभात फेरी शुरू कराई। पुलिस क्षेत्राधिकारी की सूझबूझ से हंगामा शांत हो सका। एसडीएम ने भी सतर्कता दिखाई और लोगों को समझाया।
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प्रभातफेरी के लिए पहले से कोई अनुमति नहीं ली गई थी लेकिन रविवार सुबह फेरी निकालने वालों ने जो मार्ग संभल पुलिस को बताया था, एक वाहन उस मार्ग से अलग दूसरे मार्ग पर चला गया था। इस पर कुछ लोगों ने आपत्ति की तो वाहन को वापस करा दिया गया। वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक मार्ग पर प्रभात फेरी का वाहन रोकने पर कुछ लोग धरना देने बैठ गए थे। उन्हें भी समझाया गया। अब दोनों पक्षों को सुना जाएगा, तभी अगली कार्रवाई होगी।
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चक्रेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक, संभल
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