संभल/मढ़न। तेज बारिश के कारण एक ग्रामीण के मकान की छत भरभरा कर गिर गई। इसमें तीन बच्चे दब गए। हादसा देख मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने आनन-फानन मलबा हटाकर बच्चों को बाहर निकाला। इस दौरान चीखपुकार मची रही। किसी तरह मलबे से निकले बच्चों को एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल भर्ती कराया गया। जहां हालत में सुधार है।
असमोली ब्लॉक क्षेत्र के गांव गुमसानी निवासी हरकिशोर पुत्र लेखराज सिंह के मकान की कच्ची छत गुरुवार की सुबह 6 बजे अचानक भरभरा कर गिर गई।
इसमें ग्रामीण की बेटी त्रिवेत्ती (14), मंजू (11) व मनीषा (7) वर्ष दबकर घायल हो गई हैं। छत गिरने की सूचना पर आसपास के ग्रामीण दौड़ पड़े। किसी तरह मलबा हटाया गया और घायल बच्चों को बाहर निकाला। साथ ही एंबुलेंस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची एंबुलेंस घायल बहनों को लेकर संभल के जिला अस्पताल पहुंची जहां उपचार किया गया।
पीड़ित ने बताया कि उसका मकान कच्चा है और छत बांस बल्ली डालकर बना ली थी। दो दिन से बारिश हो रही थी। बुधवार की देर रात तेज बारिश हुई और छत पर अधिक नमी हो गई। इसी के चलते हादसा हो गया।
प्रधानमंत्री आवासीय योजना के आवेदन के बाद भी नहीं मिला लाभ
संभल। पीड़ित ग्रामीण ने बताया कि वह मजदूर है। किसी तरह परिवार की गुजर कर रहा है। प्रधानमंत्री आवासीय योजना के लिए आवेदन किया था लेकिन उसका भी अब तक लाभ नहीं मिला। इसलिए कच्चे मकान में बांस बल्ली के सहारे ही छत डाल ली थी। अब वह सहारा भी छिन गया।
घायल बहनों को अस्पताल ले जाने वाली एक एंबुलेंस खराब हुई
संभल। गांव गुमसानी में छत के नीचे दबकर घायल हुईं बहनों को तत्काल उपचार नहीं मिल सका। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस घायलों को लेकर चली तो गांव गुमसानी बस अड्डे पर जाकर खराब हो गई। इसके चलते घायलों को एक घंटे तक दूसरी एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा। इससे ग्रामीणों में रोष नजर आया।