रोडवेज के दावे हवाई, बे-बस नजर आए राखी के लिए निकले बहन-भाई
संभल। रक्षाबंधन पर अतिरिक्त बसें चलाने या बसों के फेरे बढ़ाने के रोडवेज के दावे हवा-हवाई साबित हुए। बृहस्पतिवार की तरह शुक्रवार को भी राखी के लिए सफर पर निकले भाई-बहनों को चुनौतियों से जूझना पड़ा। सीट के लिए मारामारी की स्थिति रही।
प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन पर महिलाओं को निशुल्क सफर की सुविधा जरूर दी थी लेकिन यात्रा पर निकली बहनें कदम-कदम पर समस्याओं से जूझीं। पहले समय से बस न मिलने के कारण परेशान हुईं। बस आने के बाद उसमें दाखिल होने और सीट हासिल करने के लिए भी उन्हें संघर्ष जैसी स्थितियों से जूझना पड़ा। कोई खिड़की से सामान रखकर सीट घेरने की कोशिश करता नजर आया तो कई यात्रियों ने दरवाजे की जगह खिड़की से ही बस में प्रवेश किया। मुरादाबाद के अलावा अन्य रूटों पर बसों का संचालन न होने से उन मार्गों के यात्री काफी परेशान हुए। हार कर ऐसे कई यात्रियों ने डग्गामार वाहनों का सहारा लिया। यात्रियों को इस बात की शिकायत थी कि एक दिन पहले बृहस्पतिवार को रक्षाबंधन मनाने निकले यात्रियों को भी मुसीबत झेलनी पड़ी थी। इससे सबक लेकर रोडवेज प्रबंधन ने शुक्रवार को भी अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की।
रोडवेज के कार्यवाहक स्टेशन प्रभारी ने कहा कि संभल-मुरादाबाद के बीच एक बस ने 12-12 चक्कर लगाए। इसके बाद भी हर बार बस की सीटें फुल रहीं।
बाइक व डग्गामार वाहन से सफर बनी मजबूरी
चंदौसी। रक्षाबंधन पर रोडवेज के इंतजाम नाकाफी साबित होने पर डग्गामार वाहनों की लाटरी निकल आई। मजबूरन कई बहन-भाई डग्गामार वाहनों में महंगे किराये पर सफर करते नजर आए। बस स्टैंड के हालात देख बाइक पर दो से ज्यादा सवारियां लेकर निकलना भी कई परिवारों की मजबूरी बना। प्राइवेट और डग्गामार वाहनों में सफर के लिए मजबूर हुईं बहने रोडवेज की बस में मुफ्त यात्रा का लाभ भी नहीं ले सकीं। इन स्थितियों के बीच कई लोग शुभ मुहूर्त पर राखी बंधवाने से भी चूक गए।
बसों का लोग करते रहे इंतजार
बबराला/गुन्नौर। रक्षाबंधन पर रोडवेज बसों के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। लंबे इंतजार के बाद भी रोडवेज सेवा न मिलने पर कई भाई-बहनों को निजी बसों का सहारा लेना पड़ा। भीड़ बढ़ने से निजी बसों में भी पैर रखने लायक जगह नहीं थी। इसके चलते त्योहार पर समय से पहुंचने की धुन में तमाम लोगों ने बसों में खड़े होकर सफर किया। यही नहीं निजी बसों व अन्य निजी वाहनों के संचालकों ने लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए मनमाने किराये की वसूली भी की।