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वादे-इरादे में बीत गया समय, सड़कें फिर भी बदहाल

Sun, 13 May 2018 01:10 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
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आवास विकास कालोनी में उखड़ी पड़ी सड़क। - फोटो : अमर उजाला
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सत्ता परिवर्तन के बाद योगी सरकार ने प्रदेश भर की सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने का दम भरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इसे अपनी प्राथमिकता के कामों में शामिल किया। जून 2017 तक सड़कें दुरुस्त होनी थी। तब जनता ने सोचा था कि योगी सरकार के सबका साथ, सबका विकास नारे के तहत सड़कों की बदहाल स्थिति में भी सुधार हो जाएगा।
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पर उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। सच्चाई यह है कि संभल जिले की सड़कें फर्राटा भरने लायक नहीं रहीं। कारण, शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक सड़कों में गड्ढे हैं। गड्ढों की वजह से हादसों का खतरा है। कुछ हादसे भी हुए। संभल से हसनपुर मार्ग की हालत ज्यादा खस्ता है। संभल से सिंहपुरसानी तक जगह-जगह गड्ढे हैं। लगता तो यह है कि गड्ढ़ों में कहीं कहीं सड़क बची है।                                                      
बहजोई मार्ग भी बदहाल है। संभल से हयातनगर तक तो कई जगह गड्ढों के चलते चलना भी दूभर हो गया है। मढ़न से सैदपुर होकर गुमसानी तक जाने वाला मार्ग टूट चुका है। करीब चार किलोमीटर क्षेत्र में गड्ढे ही गड्ढे हैं। यह बात दीगर है कि सरकार के वादे होते रहे तो अधिकारी इरादा बनाते रहे और अब एक साल बीतने को है। लेकिन नहीं बदली तो सड़कों की सूरत। कई गड्ढायुक्त सड़कों पर जान जोखिम में डालकर जनता सफर करने को मजबूर है। 
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कई बार तो गड्ढों की गिट्टी उछलकर राहगीरों को लग जाती है। लोक निर्माण विभाग का आंकड़ा भी कड़वा सच बयां कर रहा है। लोक निर्माण विभाग के रिकार्ड के मुताबिक संभल जिले में 34 सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे हैं। हालांकि विभाग ने इनको गड्ढा मुक्त बनाने के लिए इस्टीमेट तैयार कर लिए हैं। विभाग के मुताबिक ।

213.28 किलोमीटर लंबी इन सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए शासन से 86.10 लाख रुपये की मांग जरूर की है, लेकिन कब धन मिलेगा और कब काम शुरू होगा। इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। अधिकारी मजबूर हैं। उनके पास इंतजार करने के सिवा कोई चारा नहीं है। वहीं, बरसात के मौसम में ग्रामीण मार्गों पर ज्यादा परेेशानी होती है।


गड्ढों में पानी भर जाता है। गड्ढे दिखते भी नहीं है। ऐसे में वाहन का पहिया गड्ढे में पड़ता है तो हादसे हो जाते हैं। ग्रामीणों में सड़कों के गड्ढामुक्त नहीं होने से रोष है। उन्होंने सरकार से समस्या का समाधान कराने की मांग की है। 
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