हयातनगर थाना क्षेत्र में शनिवार को महिला की मौत को गैरइरादतन हत्या के मामले में दर्ज करने पर लोग भड़क गए। आक्रोशित लोगों संभल-बहजोई मार्ग पर जाम लगा दिया। उनका आरोप था पुलिस ने मामले का अल्पीकरण किया है।
जाम लगने की सूचना पर अधिकारियों समेत पुलिस मौके पर पहुंच गई। जाम लगाए लोगों की पुलिस से जमकर नोकझोंक भी हुई। डेढ़ घंटे बाद जाम लगाए लोगों को एएसपी ने कार्रवाई का भरोसा देकर जाम खुलवाया। जाम के दौरान मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गईं। राहगीरों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
सरायतरीन में पक्का बाग के पास साढ़े पांच बजे तमाम लोग सड़क पर उतर आए। जाम लगाने वालों ने मौके पर बताया कि मोहल्ला चकली निवासी मेसरजहां (80) 25 मार्च को झगड़े में घायल हो गईं थीं। इनकी मौत शनिवार को दिन में हो गई। जब परिजन पुलिस थाने पहुंचे तो थाना पुलिस ने कहा कि केस को गैर इरादतन हत्या में दर्ज किया जाएगा।
परिजनों के मुताबिक घटना हत्या की धारा में दर्ज होनी चाहिए थी लेकिन पुलिस ने दूसरे पक्ष को बचाने के लिए गैरइरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। इसीलिए तमाम लोग आक्रोशित हुए। जाम की खबर मिलने पर थाना पुलिस पहुंची। लेकिन लोग मान नहीं रहे थे।
इसके बाद कोतवाली पुलिस और नखासा पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए वार्ता की पर असर नहीं हुआ। लोगों की पुलिस से जमकर नोकझोंक हुई। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की और मामले को हत्या में दर्ज कराने का आश्वासन दिया लेकिन प्रदर्शनकारियों के तेवर तीखे थे। जब अपर पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई की चेतावनी तो प्रदर्शनकारी सड़क से हट गए और जाम खुल गया।