road accident in chandausi sambhal
चंदौसी। यह दीगर बात है कि यातायात पुलिस व परिवहन विभाग यह दावा करता है कि जिले के सभी ब्लैक स्पॉट खत्म हो गए हैं, लेकिन अप्रैल से दिसंबर के बीच जिले की सड़कें 248 बार वाहन दुर्घटनाओं में रक्तरंजित हुई हैं। जो पिछले साल की अपेक्षा 22.16 फीसदी अधिक है। इन दुर्घटनाओं में 167 जिंदगियां खत्म हो गई हैं। इसमें 21.89 फीसदी वृद्धि हुई है। 142 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, यह आंकड़ा पिछले साल की अपेक्षा 14.51 फीसदी अधिक है।
संभल जिले में वाहन दुर्घटनाएं तो लगातार हो ही रही हैं। लेकिन जिले में अधिकतर ब्लैक स्पॉट गुन्नौर क्षेत्र में ही थे। जिसमें चंदौसी बहजोई मार्ग पर खजरा खाकम, इसी क्षेत्र में नरौरा रोड पर काली माता का मंदिर, गुन्नौर क्षेत्र के जगन्नाथ की पुलिया आदि को यातायात विभाग व परिवहन विभाग ब्लैक स्पॉट मानता था। जिसे लेकर यहां मार्ग में जो खामियां बताई गई थीं, उन्हें दुरुस्त भी कराया गया।
यह ब्लैक स्पॉट इसलिए चिन्हित किए गए थे, यहां पिछले सालों में सबसे बड़ी दुर्घटनाएं हुई थी। छोटी दुर्घटनाएं भी इन्हीं स्थानों पर सर्वाधिक हुई थी। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अमरीश कुमार ने बताया कि अब यह ब्लैक स्पॉट खत्म हो गए हैं, लेकिन यह भी सच है कि पिछले साल के मुकाबले दुर्घटनाएं व उनके मौत की घटनाएं बढ़ी है, लेकिन इनके अलग अलग कारण है, क्योंकि ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटनाएं कम हुई है।
परिवहन विभाग के रिकार्ड के मुताबिक अप्रैल से दिसंबर 2019 तक जिले में 248 वाहन दुर्घटनाएं घटी, जबकि 2018 में इनकी संख्या 203 थी। दुर्घटनाओं में 22.16 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई है। जबकि यदि सिर्फ दिसंबर माह की बात करें तो दुर्घटनाओं में 47.81 फीसदी की वृद्धि देखने को मिली है।
2018 में 11 के सापेक्ष 2019 में 23 मौतें हुईं। इन नौ महीनों में दुर्घटनाओं में मौत का आंकड़ा देखें तो 2018 में 137 मौतें हुई, जबकि 2019 में 167 मौतें हुई हैं। जो 21.89 प्रतिशत अधिक है। सिर्फ दिसंबर महीने में दुर्घटनाओं में मौत में 109.09 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई है। घायलों की संख्या में अप्रैल से दिसंबर तक 2018 में 124 घायल हुए तो 2019 में 142 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। जो 14.51 प्रतिशत अधिक है। सिर्फ दिसंबर माह में यह वृद्धि 8.33 फीसदी रही है।