वंश गोपाल कल्कि धाम चौबीस कोसीय परिक्रमा फेरी परिक्रमा समिति की मंगलवार को बैठक हुई। इसमें संभल के 68 तीर्थ और 19 कूपों की चौबीस कोसीय परिक्रमा की अब तक हुईं तैयारियों की समीक्षा की गई। साथ ही आगे की रणनीति बनाई गई। तय किया गया कि समय कम है, इसलिए तैयारियों को तेज करके अंतिम रूप दिया जाए। जिससे आयोजन के दौरान कहीं कोई दिक्कत न हो।
वंश गोपाल कल्कि धाम बेनीपुर चक में आयोजित बैठक में अध्यक्ष जीतपाल यादव ने अब तक हुई तैयारियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। समिति के सदस्यों ने इस पर चर्चा की। परिक्रमा मार्ग को लेकर अधिक बल दिया गया। कहा गया कि जहां-जहां भी मार्ग अवरूद्घ है, वहां प्रधान का सहयोग लेकर परिक्रमा से पहले दुरस्त कराया जाए। जिससे तीर्थ यात्रियों को परिक्रमा के दौरान कोई दिक्कत का सामना करना पड़े। मंदिर के महंत स्वामी भगवत प्रिय महाराज ने कहा कि खराब मार्ग को लेकर अधिक बल देने की जरूरत है। क्योंकि दूरदराज से तीर्थ यात्री आते हैं, उनके मार्ग में परेशानी समस्या बन जाएगी।
कहा कि ऐसे स्थानों को चिह्नित करके प्रशासन और संबंधित प्रधान के माध्यम से दुरुस्त कराया जाए। अब तक हुई तैयारियों की समीक्षा में यह बिंदु अहम रहा। आगे की रणनीति बनाई गई। जिस स्थान पर रात्रि में भक्तों के विश्राम और फिर यात्रा की रवानगी के लिए पंडाल लगना है, उस स्थान को देखा। महंत स्वामी भगवत प्रिय महाराज ने पदाधिकारियों को टेंट लगने की बारे में विस्तार से बताया। रात्रि विश्राम के दौरान अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। इस दौरान विजय शर्मा, मुकेश गोयल, सौरभ त्यागी, विशाल शर्मा, जीतपाल यादव, हरिओम यादव, शोभित शर्मा आदि रहे।