राजस्व निरीक्षक शिवलाल को फर्जी तरीके से पट्टे की भूमि में नाम दर्ज करने का दोषी पाया गया है। तहसीलदार ने एसडीएम से उनके खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति रिपोर्ट भेजी है।
मिर्जापुर गांव निवासी मूर्ति देवी ने कुछ दिन पहले एडसीएम रामकेश धामा को शिकायती पत्र देकर राजस्व निरीक्षक शिवलाल पर फर्जी तरीके से पट्टे की भूमि में नाम दर्ज करने का आरोप लगाया था। शिकायती पत्र के मुताबिक बरेली कमिश्नरी ने मूर्ति देवी के पट्टे को यथावत रखने के लिए आदेश दिए थे। आरोप था कि इसके बावजूद गांव के एक व्यक्ति ने राजस्व निरीक्षक शिवलाल से मिलकर उसकी मां का नाम पट्टे में दर्ज करा दिया था। राजस्व निरीक्षक ने प्रधान के फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर बिना लेखपाल की जांच रिपोर्ट के ही खतौनी में 18 जून को अन्य महिला का नाम दर्ज कर दिया था। उपजिलाधिकारी रामकेश धामा ने तहसीलदार को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा था। तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी ने जांच में महिला के आरोप सही पाए। अपनी जांच रिपोर्ट में उन्होंने राजस्व निरीक्षक शिवलाल को पूर्ण रूप से दोषी करार देते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति एसडीएम से की है।