संभल। संभल में डीपीएमयू के प्रभारी व रिटायर्ड डीआईओएस श्यामा कुमार की शिकायत मिली है कि करीब 54 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप है। इसकी जांच रिपोर्ट में पुष्टि है। इस धनराशि की वसूली कराई जाएगी। साथ ही डीपीएमयू में तैनाती को लेकर डीएम से वार्ता की जाएगी। शासकीय धन का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा। यह कहना है माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी का।
रिटायर्ड जिला विद्यालय निरीक्षक श्यामा कुमार पर 53 लाख 98 हजार 908 रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप है। साथ ही संभल जिले में जिला प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट (डीपीएमयू) में नियमों के विरुद्ध नियुक्ति का भी आरोप लगा है।
यह शिकायत माध्यमिक शिक्षा विभाग की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी तक पहुंची तो उन्होंने कार्रवाई कराने और वित्तीय अनियमितता के मामले में वसूली कराने की बात कही है। साथ ही रिटायर्ड होने के बाद डीपीएमयू में तैनाती पर सवाल उठाया है। वेतन और सुविधाएं देकर शासकीय धन बर्बाद करने की बात कही है। राज्यमंत्री ने कहा कि वह इस मामले में डीएम से बात करेंगी।
राज्यमंत्री से की गई शिकायत में बताया गया है कि रिटायर्ड डीआईओएस के खिलाफ हुई जांच रिपोर्ट में उल्लेख है कि दिसंबर 2008 से अगस्त 2025 के बीच त्रुटिपूर्ण वेतन निर्धारण पाया गया था। इसके कारण श्यामा कुमार को कुल 53,98,908 रुपये का अधिक भुगतान किया गया था। पीलीभीत के जिला विद्यालय निरीक्षक ने नवंबर 2025 में एक पत्र जारी किया था। इसमें बताया गया कि श्यामा कुमार ने प्रधानाचार्य पद पर रहते हुए स्वयं गलत वेतन प्रविष्टियां दर्ज कराई थीं।
शाहजहांपुर के सहायक लेखाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) ने इन गलत प्रविष्टियों का अनुमोदन किया था। शाहजहांपुर के तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक से आवश्यक प्रतिहस्ताक्षर नहीं कराए गए थे। इस चूक से अनियमितता समय रहते उजागर नहीं हो सकी थी। रिपोर्ट में श्यामा कुमार को सरकारी धन के नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। मालूम हो श्यामा कुमार अगस्त 2025 में संभल जिले में तैनाती के दौरान ही रिटायर्ड हुए हैं। वर्तमान में वह संभल जिले में बनी डीपीएमयू के प्रभारी हैं। इस यूनिट में जिलेभर के प्रोजेक्ट पर निगरानी की जाती है। इसकी रिपोर्ट डीएम को दी जाती है। जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके। संवाद