संभल। रजपुरा ब्लॉक में ई-स्वराज पोर्टल पर भुगतान संबंधी पूरा रिकार्ड अपलोड किए बगैर लाखों रुपये के भुगतान किए जाने के मामले सामने आए हैं। नमूने के तौर पर आठ कार्यों पर किए गए 57.81 लाख रुपये के भुगतान के प्रकरणों का परीक्षण हुआ है। इसमें छह मामलों अनियमितताएं सामने आईं हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने रजपुरा के बीडीओ से स्पष्ट आख्या के साथ वांछित अभिलेख तलब किए हैं। हालांकि बीडीओ तय समयसीमा सोमवार तक जवाब नहीं दे सके।
रजपुरा क्षेत्र पंचायत में ई-स्वराज पोर्टल के माध्यम से 15वें वित्त आयोग के तहत कराए गए आठ कार्यों पर हुए भुगतान के बाउचरों का नमूने के तौर पर परीक्षण कराया गया। इनमें छह कार्यों के भुगतान में वर्ष 2021-22 और 2024-25 की पुरानी वर्क आईडी प्रदर्शित है। बाउचरों के एक्टिविटी कोड और विवरण में अलग-अलग कार्य दर्ज हैं। वहीं टाइड ग्रांट से इंटरलॉकिंग जैसे कार्यों पर भी व्यय दर्शाया गया है।
इनके बाउचरों में लेखा शीर्षक के चयन में विसंगति मिली। एक ही तिथि में एक ही फर्म को अलग-अलग बाउचरों के माध्यम से भुगतान किए गए पर इनसे संबंधित माप पुस्तिका, कार्यादेश, निविदा और तकनीकी स्वीकृति पोर्टल पर अपलोड नहीं मिली। सीडीओ ने बीडीओ रजपुरा को भेजे अपने पत्र में कहा कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर वर्ष 2025-26 और 2026-27 के व्यय की समीक्षा किए जाने पर भी यह बिंदु भी सामने आए हैं।
जिन मामलों का परीक्षण सीडीओ ने किया है। उनकी सूची के साथ सीडीओ ने बीडीओ रजपुरा को अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा है। निर्देशों का अनुपालन नहीं होने पर उत्तरदायित्व निर्धारित किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।
प्रकरण की जांच चल रही है। भुगतान संबंधित मामले में जो सीडीओ की ओर से जवाब मांगा गया था, उसमें अभी जवाब नहीं दिया है। जल्द ही जवाब भी दिया जाएगा।
आदेश कुमार, बीडीओ, रजपुरा