बहजोई थाना क्षेत्र में मूकबधिर युवती से दुष्कर्म के आरोपी गोपाल (25) ने घर में रखा जहर (कीटनाशक) खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसके भाई और जीजा इलाज के लिए अनूपशहर ले जाते समय पुलिस आने के अंदेशे में आरोपी को रास्ते में ही छोड़कर भाग गए। जिसकी तड़प-तड़पकर मौत हो गई। पुलिस उसकी 30 सितंबर से तलाश कर रही थी।
पुलिस को दुष्कर्म आरोपी के परिजनों ने बताया कि 28 सितंबर को मूकबधिर युवती से दुष्कर्म के मामले में पहले गांव में समझौते के लिए पंचायत होती रही लेकिन बाद में 30 सितंबर को उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। पुलिस कार्रवाई होते ही गोपाल सूरत (गुजरात) में रहने वाले अपने बड़े भाई के पास चला गया था। पुलिस ने जगह-जगह तलाश की तो गोपाल को सूरत से रविवार की रात में बुला लिया था। गोपाल और उसका भाई रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव निवासी अपनी बहन के घर चले गए थे। सोमवार में गोपाल को पुलिस के सुपुर्द किया जाना था। रविवार की रात गोपाल का भाई और बहन गांव में चल रही भागवत कथा में चले गए और जब रात करीब 11 बजे लौटे तो गोपाल की हालत खराब थी। जब कारण जाना तो उसने बताया कि जहर खा लिया है। बहन और भाई गांव के निजी चिकित्सक के पास उपचार के लिए पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद वे गोपाल को उसका भाई और बहनोई बाइक से अनूपशहर उपचार के लिए लेकर जा रहे थे। कुछ दूर पहुंचने पर पुलिस आने का अंदेशा होने पर जीजा और भाई आरोपी गोपाल को सड़क किनारे छोड़कर भाग गए। जहां तड़प-तड़पकर उसकी मौत हो गई।
रजपुरा थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि गश्त के दौरान रात करीब दो बजे युवक का शव सड़क किनारे पड़ा था। पेंट की जेब में मिले आधार कार्ड के जरिए पहचान की और परिजनों को सूचना भेजी। तब जानकारी सामने आई है कि मृतक बहजोई थाने से दुष्कर्म के मामले में वांछित चल रहा था।