नाबालिग लड़की को अवैध तरीके से कमरे में कैद करके रखने के मामले में पुलिस तेजी से छानबीन कर रही है। इस दौरान संभल के बरेली सराय निवासी दो युवकों के नाम भी प्रकाश में आए हैं। इनके ही घर से पुलिस ने सोमवार को छापा मारकर नाबालिग लड़की को मुक्त कराया था। वहीं, पुलिस ने नाबालिग के साथ पकड़ी गई महिला को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
कुढ़फतेहगढ़ थाने की पुलिस ने संभल कोतवाली की पुलिस का सहयोग लेकर सोमवार को बरेली सराय में दबिश दी थी।
इस दौरान एक मकान के कमरे में नाबालिग बंद मिली थी। उसके साथ ही गुमथल गांव की महिला आशा भी पकड़ी गई थी। उसको नाबालिग की देखरेख के लिए रखा गया था। जिस मकान में इन्हें पकड़ा गया वह मकान दो युवकों का था। पुलिस की दबिश में वह दोनों हाथ नहीं आए। अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित ने बताया कि दोनों युवक, गुमथल निवासी एक राजवीर के भांजे हैं। वहीं, नाबालिग के साथ पकड़ी गई महिला आशा अपने पति और बच्चों को छोड़कर राजवीर के साथ ही रह रही है।
महिला संभल के बरेली सराय में रही थी। कुढ़फतेहगढ़ निवासी दूसरी महिला तथा आरोपी महिला आशा का सहयोग लेकर ही नाबालिग लड़की का अपहरण किया था। दोनों युवकों का मामा नाबालिग को लेकर चंडीगढ़ गया था। कई और जगह उसे ले जाने की खबर पुलिस के पास है। पुलिस ने छानबीन करके नाबालिग को सोमवार को बरामद किया। मंगलवार को उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया है।
पुलिस ने मामले में पांच लोगों को आरोपी बनाया है। पुलिस इन सभी आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस अब उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
कुढ़फतेहगढ़ के कार्यवाहक थाना प्रभारी राजेश कुमार का कहना है कि आरोपी आशा को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं राजवीर को भी अभियुक्त बनाया गया है।