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यूपीएसआईडीसी की भूमि का अधिग्रहण करने पहुंची टीम को लाठी-डंडे लेकर दौड़ाया

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Ran with sticks and sticks to the team that arrived to acquire UPSIDC land - फोटो : CHANDAUSI
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तहसील क्षेत्र के नूरपुर गांव में बृहस्पतिवार को दूसरे दिन यूपीएसआईडीसी की भूमि का अधिग्रहण कर रही टीम से ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक हो गई। नोकझोंक इतनी बढ़ गई कि ग्रामीणों ने टीम को लाठी-डंडे लेकर दौड़ा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह आक्रोशित ग्रामीणों को शांत किया। विरोध कर रहे लोगों में से चार लोगों को हिरासत में भी लिया गया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस किसी भी तरह के विरोध से इनकार कर रही है।
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बृहस्पतिवार को नूरपुर गांव में राजस्व विभाग की टीम के साथ यूपीएसआईडीसी के कर्मचारी भूमि के अधिग्रहण करने में लगे थे। ट्रैक्टर और जेसीबी की मदद से कब्जा लिया जा रहा था। इसी दौरान नूरपुर गांव के कुछ लोग वहां पहुंचे और इस कार्य में अपने-अपने ट्रैक्टर को काम पर लगाने को कहा। आरोप है कि वहां मौजूद संबंधित ठेकेदार ने काम कराने से मना कर दिया। इसके बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए। गुस्साए ग्रामीणों की मौके पर काम कर रहे कर्मचारियों से कहासुनी के साथ ही तीखी नोकझोंक हो गई। कुछ लोग लाठी डंडे लेकर पहुंच गए और टीम को दौड़ा दिया। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस फोर्स पहुंच गई। पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया। इस दौरान पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा। इसके साथ ही चार लोगों को हिरासत में भी लिया गया लेकिन बाद में उनको छोड़ दिया गया।
मौके पर पहुंचे एडीएम कमलेश कुमार अवस्थी, एएसपी आलोक कुमार जायसवाल, एसडीएम रामकेश धामा और सीओ संतोष कुमार सिंह ने ग्रामीणों से वार्ता की और उनकी मांगों को सुनकर समाधान कराने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों का कहना था कि अधिग्रहण कार्य में अन्य गांव के ट्रैक्टर लगाए गए, जबकि उनके गांव के किसानों की भूमि गई है। इसीलिए उनके ट्रैक्टर लगाने से मना कर दिया गया।
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जिन काश्तकारों की भूमि फैक्टरी के लिए अधिग्रहण की गई है। उनको प्राथमिकता के आधार पर काम मिलना चाहिए। हमारे गांव के किसानों के ट्रैक्टर भी काम पर लगाए जाएं। उनको मजदूरी व अन्य काम भी दिया जाए।
पालू सिंह, पूर्व प्रधान नूपरपुर
हमारे क्षेत्र में अन्य दो फैक्टरी हैं लेकिन उनमें हमारे यहां के युवाओं को रोजगार नहीं दिया जाता। अधिकांश युवा दिल्ली और हरियाणा में काम करते हैं। योग्यता के अनुसार युवाओं को रोजगार मिलना चाहिए।
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सुरेश यादव, ग्रामीण नूरपुर
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