बनियाठेर के गांव बनियाखेड़ा में रामलीला का उद्घाटन करते कुंवर शैलेंद्र सिंह। स्रोत रामलीला कमेट
बनियाठेर। थाना क्षेत्र के गांव बनियाखेड़ा में नारद मोह लीला के साथ 15 दिवसीय रामलीला का शुभारंभ हुआ। प्रथम दिवस पर कलाकारों का नाट्य रूपांतरण और संवाद को देखकर दर्शक उत्साहित नजर आए। रामलीला देखने वाले दर्शक पंडाल में देर रात तक जुटे रहे।
बनियाखेड़ा गांव स्थित शिव मंदिर प्रांगण पर 15 दिवसीय रामलीला का शुभारंभ शैलेंद्र सिंह ने किया। रामलीला मंचन में दिखाया कि कामदेव पर विजय प्राप्त करने के पश्चात देव ऋषि नारद को अहंकार हो जाता है। इसे दूर करने के लिए भगवान विष्णु योगमाया द्वारा सील नगरी की स्थापना कर विश्वमोहनी के माया रूपी स्वयंवर का आयोजन करते हैं। विश्वमोहिनी की हस्तरेखा देखकर नारद जी उसके गुण व सौंदर्य पर मोहित हो जाते हैं और हरि का रूप मांगने भगवान विष्णु के पास जाते हैं। भगवान विष्णु उन्हें वानर रूप प्रदान कर देते हैं।
स्वयंवर में वानर रूपी देवर्षि नारद को देखकर सभी लोग उपहास करते हैं। इससे नारद मुनि क्रोधित होकर भगवान विष्णु को नारी वियोग का श्राप देते हैं। जिसे भगवान विष्णु सहर्ष स्वीकार करते हैं। सच्चाई उजागर होने पर नारद को अपने किए पर बहुत पश्चाताप होता है और उनका अहंकार नष्ट हो जाता है।
कार्यक्रम के दौरान कमल सिंह प्रजापति, प्रिंस, लौकेश, पुष्पेंद्र, छोटे नागर, कपिल प्रजापति, सुशील जैन, थान सिंह यादव, अमृतलाल प्रजापति का सहयोग रहा।