Rajpura CHC in-charge accused of assault and intimidation
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सीएचओ के साथ मारपीट व धमकाने का मामला जिलाधिकारी के सामने पहुंचा है। जिलाधिकारी ने सीएमओ को जांच समिति गठित कर दो दिन में रिपोर्ट देने के आदेश किए हैं। बुधवार को कलेक्ट्रेट पर काफी हंगामा हुआ और सीएचसी रजपुरा में तैनात सीएचओ अमित शर्मा ने सीएचसी प्रभारी पर मारपीट का आरोप लगाया। इस दौरान जिलेभर के सीएचओ मौजूद रहे।
सीएचओ अमित शर्मा ने बताया कि उनकी तैनाती रजपुरा सीएचसी पर है। सीएचसी प्रभारी पर महिला सीएचओ ने बदसलूकी करने का आरोप लगाया था। मामले वह गवाह हैं। अमित शर्मा का आरोप है कि पांच सितंबर को महिला सीएचओ से सीएचसी प्रभारी ने बदसलूकी की थी। जिसमें जांच शुरू हुई। वह महिला के पक्ष में गवाह हैं। आरोप है कि सीएचसी प्रभारी इसी बात से रंजिश मानने लगे और उन्होंने मंगलवार की रात आठ बजे करीब उनके साथ भी गालीगलौज की और जब विरोध किया तो मारपीट की। साथ ही नौकरी से हटवाने की धमकी दी। जिलाधिकारी ने मामले में संज्ञान लेते हुए सीएमओ डा. तरन्नुम रजा को जांच कराने के लिए आदेश किए हैं। साथ ही दो दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। उसके बाद आगे की कार्रवाई का भरोसा डीएम ने सीएचओ को दिया। इस आश्वासन पर सीएचओ लौट गए।
महिला सीएचओ के पति ने लगाए आरोप
संभल। महिला सीएचओ के पति ने बताया कि उनकी पत्नी पर सीएचसी प्रभारी अनैतिक दबाव बनाते हैं। उनकी पत्नी की तैनाती सीएचसी के एक गांव में बने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर है। उनकी पत्नी बहजोई से आती जाती हैं। आरोप है कि सीएचसी प्रभारी अस्पताल आने का दबाव बनाते हैं और अपनी बाइक पर भी कई बार बैठाने के लिए कहा है। जब उनकी बात नहीं मानी तो वह बदसलूकी करते हैं। इस मामले की शिकायत सीएमओ से की थी। उन्होंने जांच समिति बनाई थी। रिपोर्ट में क्लीन चिट दे दी गई।
जांच हो चुकी है और उसकी रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। सीएचओ इस प्रकरण को लेकर जिलाधिकारी से मिले थे। जिलाधिकारी ने जांच समिति गठित करने और दो दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। इस जांच समिति में महिला अधिकारी को भी शामिल किया गया है। डा. तरन्नुम रजा, सीएमओ, संभल।