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खल व्यापारी गोली मारने के बाद लूटपाट का खुलासा

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चंदौसी। गुरुवार को पुलिस ने खल व्यापारी से हुई लूटपाट की वारदात का खुलासा किया। लूटपाट को राजेश गिरोह ने अंजाम दिया था। पुलिस ने सरगना समेत दो सदस्यों को गिरफ्तार कर एक लाख चार हजार रुपये बरामद किए हैं। वहीं, गिरोह का तीसरा सदस्य पुलिस को चकमा देकर भाग गया।
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15 फरवरी को इंद्रा चौक बबराला निवासी खल व्यापारी विवेक अग्रवाल जुनावई की साप्ताहिक बाजार से उगाही कर लौट रहा था, तभी बबराला हाईवे पर बाइक पर सवार तीन लुटेरे विवेक अग्रवाल की बाइक को रुकवाकर उसे गोली मारकर 1.80 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए। पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि वारदात के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच समेत तीन टीमों को लगाया गया था। सर्विलांस के जरिये पुलिस ने मामले की जांच की तो पता लगा कि इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय राजेश गिरोह का हाथ है। राजेश की लोकेशन ट्रेस की गई तो गुरुवार की सुबह नूरपुर तिराहे पर उसके होने की जानकारी मिली। गुन्नौर के प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सोलंकी के साथ सर्विलांस व स्वाट टीम को सक्रिय करके घेराबंदी की गई तो एक बाइक पर तीन युवक दिखाई दिए। पुलिस ने घेराबंदी करके राजेश, राम खिलाड़ी उर्फ खिल्ला निवासी न्योरा थाना रजपुरा को गिरफ्तार किया। वहीं तीसरा लुटेरा नेमपाल मौके से भागने में कामयाब रहा। पुलिस ने लुटेरों के पास से दो तमंचे, चार कारतूस और बाइक बरामद की है। पुलिस को लुटेरों के पास से एक लाख चार हजार रुपये भी मिले हैं। पुलिस ने बताया सरगना राजेश पर बदायूं, दिल्ली, अमरोहा, संभल के कई थानों पर 16 मुकदमे दर्ज हैं। जबकि रामखिलाड़ी पर बदायूं व संभल जिले के थानों में चार मुकदमे दर्ज हैं।
लुटेरों ने व्यापारियों की रेकी
चंदौसी। खल व्यापारी से लूट के मामले में गिरफ्तार आरोपी राजेश व राम खिलाड़ी ने पूछताछ में बताया कि वह कई दिनों से व्यापारी में निगाह रख रहे थे।
खल व्यापारी विवेक अग्रवाल व उसके पिता रोहिताश कुमार एक लंबे समय से एक निर्धारित समय पर ही हर शनिवार को साप्ताहिक बाजार में धन उगाही करने आते थे। धनराशि एकत्र करने के बाद अकेले ही लौटते थे। जब यह जानकारी लुटेरों को मिली तो पिछले तीन बाजारों में रेकी की गई। धन उगाही करते वक्त नजर रखी गई, व्यापारी का पीछा भी किया गया। 15 फरवरी को भी लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया गया। वारदात वाले दिन बाजार में कहां कहां से धन उगाही की, इस पर नजर रखी गई। जब यह पक्का हो गया है कि व्यापारी ने करीब डेढ़ से दो लाख रुपये की उगाही कर ली है, तब पीछा करके लूटपाट को अंजाम दिया गया।
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