चंदौसी में गुरुवार की शाम को मौसम का नजारा कुछ यूं दिखा।
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चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज नरौरा से गंगा नदी का जलस्तर कम होने के बाद बाढ़ प्रभावित गांव रघुपुर पुख्ता में पानी कम हो गया। गांव में दो दिन तक स्कूल वाली गली चला गंगा का पानी गुरुवार का बंद हो गया। अब गांव के चारों ओर गड्ढों में भरा पानी रहा गया है जिसके सूखने में एक दो दिन लग सकते हैं। लिहाजा अब प्रशासन को उन रास्तों को दुरुस्त करने की चुनौती है जिन्हें गंगा का पानी निकालने के लिए काट दिया गया था। इसके लिए पंचायत ने मनरेगा के अंतर्गत काम कराया जाएगा।
पहाड़ों पर बारिश रुक गई है जिससे गंगा की सहयोगी नदियां मंदाकिनी, चमोली, गंगोत्री, गोमुखी, अलकनंदा, भागीरथी रायवाला में पानी कम हो गया है। इससे गंगा नदी के रास्ते मैदानी भागों में आने वाले पानी में कमी आई है। इससे गुरुवार को हरिद्वार से 41 हजार क्यूसेक प्रति सेकेंड की दर से पानी छोड़ा गया जबकि बिजनौर में गंगा नदी का बहाव 55 हजार क्यूसेक प्रति सेकेंड रहा। इसका असर नरौरा गंगा बैराज पर पड़ा और यहां से गुरुवार को 120833 क्यूसेक प्रति सेकेंड से पानी छोड़ा गया।
जोकि पिछले दो दिन की तुलना काफी कम था। नरौरा में गंगा नदी का जलस्तर 178.10 मीटर रहा जोकि खतरे के निशान (178.76 मीटर) से 67 सेमी नीचे है। गंगा नदी में पानी कम होने के बाद जुनावई क्षेत्र के गांव रघुपुर पुख्ता में पानी कम हो गया और बहाव पूर्ण रूप से बंद हो गया। गांव की प्राथमिक विद्यालय वाली गली में पानी बंद हो गया। अब गांव के चारों ओर गहरे गड्ढों में पानी भरा हुआ है जिसके सूखने में एक दो दिन लग सकते हैं।
गांव में गंगा नदी कभा पानी न रुके और एक नाले के सहारे पानी को निकालने के लिए प्रशासन ने उन कच्चे मार्गों को काट दिया था जो गंगा के बहाव में अवरोध उत्पन्न कर रहे थे। गांव की ऐसी करीब एक दर्जन सड़कों को काटा गया था लेकिन पानी कम हो जाने के बाद ये रास्ते पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। इससे ग्रामीणों को खेतों तक पहुंचने के लिए दिक्कत हो रही है जिन्हें दुरुस्त करने के लिए पंचायत ने मनरेगा का सहारा लेगी।