पवांसा के गांव साकिन शोभापुर में रिमझिम बरसात और तेज हवा से बिछ गई मक्का की फसल।
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तेज हवा और बारिश से मक्का-बाजरा की फसल को नुकसान
धानों की रोपाई में जुटे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
संभल/सौंधन। जिले में शुक्रवार को देर रात और शनिवार को सुबह तेज हवा के साथ बारिश हुई। जिससे कई खेतों में मक्का और बाजरा की फसल खेत में बिछ गई। धान और गन्ने को फायदा मिला है।
बहजोई क्षेत्र के किरारी समेत की कई गांवों में मक्का की फसल को नुकसान हुआ है। पवांसा के गांव औरंगाबाद देवरी में शनिवार की सुबह हुई बारिश के साथ तेज हवा ने किसान की चार बीघा मक्के की फसल को नुकसान पहुंचा दिया। किसान वीरेश यादव ने बताया कि मक्का की फसल को तैयार करने में चार महीने लगे। आवारा पशुओं से फसल को जैसे-तैसे बचाया मगर अब बारिश और तेज हवा में फसल नष्ट हो गई। भाकियू के जिलाध्यक्ष शंकर सिंह यादव ने बताया कि उनके क्षेत्र में मक्का की फसल चौपट हुई है। वहीं भाकियू के महासचिव चौधरी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश से मक्का और बाजरा को क्षति हुई है। कुछ स्थानों पर गन्ने की फसल को भी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि इस समय गन्ना और धान को बहुत फायदा हुआ है। धान लगाने में किसानों को बहुत आसानी होगी।
जिले में 4000 हेक्टेयर में मक्का और 73000 हेक्टेयर में होता है बाजरा
संभल। जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र सिंह ने कहा कि बारिश से कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। जिले में 4,000 हेक्टेयर में मक्का होता है। इसके अलावा 73,000 हेक्टेयर में बाजरा की खेती होती है। उनके मुताबिक बारिश और तेज हवा से मक्का को थोड़ा सा नुकसान हुआ है पर बाजरा की फसल को जो नुकसान हुआ है वह ठीक हो जाएगा। क्योंकि पौधे अभी छोटे हैं।