चंदौसी रेलवे ट्रेनिंग कालेज परिसर में नोकझोंक करते अधिकारी।
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किरायेदारी को लेकर केंद्र सरकार के ही दो विभाग आमने-सामने आ गए हैं। क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान परिसर में बने डाकघर के भवन को खाली कराने के लिए रेलवे के अधिकारी राजकीय रेलवे पुलिस बल के साथ पहुंचे। डाकघर कर्मियों ने भवन खाली करने से इंकार किया तो उन्होंने सारा सामान बाहर फेंकना शुरू कर दिया।
दोनों विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे। तीखी नोकझोंक के बाद किराया देने या भवन खाली करने के लिए 28 फरवरी तक का समय दिया गया। इसके बाद फिर डाक कर्मियों ने अपना सामान ज्यों का त्यों रख लिया।सहायक मंडल अभियंता (रेलवे) सुखवीर सिंह शुक्रवार को डाक विभाग को जारी नोटिस में दी गई समय सीमा में जीआरपी, आरपीएफ व रेलवे कर्मचारियों के साथ रेलवे ट्रेनिंग कालेज परिसर स्थित डाकघर पहुंचे। यहां पहुंचते ही पोस्टमास्टर भगवान सिंह से भवन को तत्काल खाली करने को कहा लेकिन डाक पाल भगवान सिंह ने मना कर दिया। इस पर पहले से ही मन बनाकर पहुंचे सहायक अभियंता के निर्देश पर रेलवे कर्मचारियों ने डाकघर से सामान निकालकर बाहर रखना शुरू कर दिया।
कुछ सामान को बाहर लाकर फेंक दिया गया, जब शाखा डाकपाल दूर जाकर खड़े हुए और कहा कि डाक विभाग की लाखों की धनराशि भी काउंटर में है। यदि गड़बड़ी हुई तो इसके जिम्मेदार रेलवे के कर्मचारी व अधिकारी होंगे, यह सुनकर रेलवे के अधिकारी कुछ ढ़ीले पड़े और उन्होंने डाकपाल को भी बाहर जाने से रोक दिया और डाकपाल को जबरन वहीं खड़ा कर लिया। हिदायत दी कि कहीं बाहर जाने की कोशिश न करें। पोस्टमास्टर ने अपने आला अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो सके। इसी बीच डाक निरीक्षक विचित्र गुप्ता भी वहां आ गए। उनकी रेलवे अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसमें डाक निरीक्षक ने दो सप्ताह का समय मांगा। कहा कि रेलवे व डाकघर के अधिकारियों से बात करके स्थिति स्पष्ट की जाएगी। कोई न कोई हल निकाला जाएगा। इस पर रेलवे के स्थानीय अधिकारी सहमत हो गए। इसके बाद डाकघर में यथा स्थिति हो गई।