संभल। लोकसभा क्षेत्र संभल भले सपा के खाते में है लेकिन कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा ने युवाओं में जोश भर दिया है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का जोरदार स्वागत ने इसकी गवाही दी। जहां प्रियंका ने युवाओं से साथ मांग तो राहुल ने नौजवान और रोजगार को लेकर लंबी चर्चा की। युवा भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को देखने के लिए काफी उत्साहित नजर आए।
संभल लोकसभा क्षेत्र में पहला लोकसभा चुनाव 1977 में हुआ था। जनता पार्टी से सांसद शांति देवी बनी थीं। वर्ष 1980 में कांग्रेस को पहली बार जीत मिली थी। बृजेंद्र पाल यादव सांसद चुने गए थे। 1984 में भी कांग्रेस को जीत मिली थी। 1989 में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था और जनता दल के प्रत्याशी प्रोफेसर एसपी सिंह यादव को जीत मिल गई थी। इसके बाद कांग्रेस संभल लोकसभा क्षेत्र में लगातार जनाधार खोती चली गई। वर्ष 2019 में कांग्रेस के प्रत्याशी मेजर जेपी सिंह को मामूली वोट मिल सके थे। अब भारत जोड़ो न्याय यात्रा के संभल पहुंचने पर काफी जोश युवाओं में दिखाई दिया। इससे कहीं न कहीं कांग्रेस को भी युवाओं को जोड़ने में मदद मिलेगी। कहा जाए तो कांग्रेस युवाओं के सहारे अपनी खोई चुनावी जमीन को तलाश कर रही है।
राहुल गांधी का है जिले में दूसरा दौरा, वर्ष 2017 में की थी जनसभा
राहुल गांधी संभल और असमोली विधानसभा क्षेत्र में पहली बार आए हैं। जबकि वर्ष 2017 में चंदौसी विधानसभा क्षेत्र की प्रत्याशी विमलेश कुमारी के लिए जनसभा करके जा चुके हैं। उस समय वह करीब एक घंटा चंदौसी में रूके थे। राहुल गांधी का संभल जिले का दूसरा दौरा हुआ है। जबकि प्रियंका गांधी पहली बार संभल जिले में आईं। कांग्रेसियों ने पूरा जोश दिखाया। जिससे पार्टी के कार्यकर्ताओं का दम राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी देख सके। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विजय शर्मा ने बताया कि राहुल गांधी का संभल जिले में दूसरा दौरा हुआ है। जबकि प्रियंका गांधी का पहला दौरा हुआ है।