बारिश के चलते लोग दफ्तरों में देरी से पहुंचे। वहीं तमाम कर्मचारी ऐसे थे जो रेन कोट और छाते के सहारे अपने अपने कार्यालय में समय से पहुंचे। बारिश के चलते कई स्थानों पर जलभराव हुआ जिससे हजारों नागरिकों को असुविधा हुई।
सबसे अधिक दिक्कत उन स्थानों पर ही जहां सड़कें खराब हैं। जरा सी बारिश में ही खराब सड़कों के गड्ढों में पानी भर गया। हसनपुर रोड से नखासा थाने को जाने वाली सड़क में दिन भर जलभराव की स्थिति रही। थाने जाने वाले फरियादियों तथा आम लोगों को असुविधा हुई। लोग दुकानों और अन्य स्थानों पर प्रतीक्षा करते रहे।
बारिश का कहर, मौलागढ़ में दो मकान ढहे
चंदौसी। बारिश का कहर दिखने लगा है। गुरुवार की रात को गुमथल में बारिश के बाद दीवार ढहने से किसान की मौत हो गई थी। इसके बाद शनिवार को बारिश के बाद कोतवाली क्षेत्र के गांव मौलागढ़ में दो मकानों की छत टूटकर नीचे आ गिरी।
गनीमत रही हादसे के वक्त परिवार के सदस्य अंदर मौजूद नहीं थे। इससे बढ़ा हादसा होते होते टल गया।
मौलागढ़ निवासी रामबाबू पुत्र नैपाल सिंह अपने घर में बैठे थे। सुबह करीब 09:45 बजे पानी पीने के लिए बाहर आए। इतने में ही मकान की छत भर भराकर गिर गई। छत गिरने के बाद खलबली मच गई। पूरे परिवार ने बारिश के बीच मकान के एक हिस्से में तिरपाल डालकर दिन गुजारा।
दूसरी घटना चमेली पत्नी कुंवरपाल सिंह के मकान में हुई। बारिश के बाद मकान की छत गिर गई। दोनों मकान जर्जर स्थिति में हैं। हादसे की आशंका बढ़ी हुई है। रामबाबू और चमेली की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण जीवन यापन करने की चुनौती बनी हुई है। उनका कहना है कि बारिश में जर्जर मकानों में रात भी जागकर गुजार रहे हैं। हादसे की आशंका के चलते बच्चों के साथ पड़ोस के घरों में शरण ले रखी है।
हादसे के बाद ग्राम प्रधान मधु सिंह ने मौके पर पहुंचकर मौका मुआयना किया। जरुरतमंदों के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।उधर नगर के मुख्य मार्ग स्टेशन रोड, रामस्वरूप रोड, संभल गेट, फव्वारा चौक पर सबसे अधिक बदहाली का नजारा रहा। हर तरफ गंदगी से नगरवासी और राहगीर जूझते नजर आए। सड़कों पर जल भराव से वाहनों की रफ्तार थमी नजर आई। आवागमन पूरी तरह बाधित नजर आया। सड़कों पर पसरी गंदगी से राहगीर, दुकानदार परेशान नजर आए।