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Sambhal News: समितियों पर हर दिन कतार फिर भी खाद का इंतजार

Fri, 18 Oct 2024 03:27 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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संभल। रबी की फसल की बुआई शुरू होने पर जिले में खाद की किल्लत बढ़ गई है। किसान हर दिन सहकारी समितियों पर सुबह से लाइन लगा रहे हैं, लेकिन फिर भी खाद नहीं मिल रही है। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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जिले में आलू की बुआई चल रही है। किसान गेहूं और सरसों की बुआई करने की तैयारी में लगे हैं। लेकिन किसानों के सामने हर साल की तरह एनपीके खाद की किल्लत आने लगी है। खाद के लिए सुबह से ही समितियों पर किसानों की भीड़ उमड़ने लगती है। पर्याप्त खाद न होने की वजह से किसान निराश होकर वापस लौट रहे हैं। बृहस्पतिवार को लोग सुबह से लाइन लगाकर खड़े हो गए। लेकिन अधिकांश समितियों से खाद नदारद था। बृहस्पतिवार को किसान सेवा केंद्र मंडी समिति संभल, चौधरी सराय स्थित रुक्मुद्दीन सराय साधन सहाकारी समिति व साधन सहकारी समिति तुर्तीपुर इला समेत कई समितियों पर किसान सुबह से ही खाद मिलने की आस में पहुंच गए। लेकिन समितियों पर खाद न होने पर मायूस होकर वापस लौट गए। किसानों का कहना है कि सहकारी समितियों के गोदाम खाली हो गए हैं। कई समितियों में लंंबे समय से खाद नहीं होने से किसानों को बाजार से महंंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है। हालांकि, जिले के एआर कोऑपरेटिव वीरेंद्र प्रकाश उपाध्याय का कहना है कि खाद पर्याप्त है। अभी भी 3300 मीट्रिक टन खाद का जनपद में स्टॉक है। जिले की 73 समितियों में खाद भिजवाया जा रहा है।
22 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन में होता है जिले में आलू
संभल जिला आलू की खेती के लिए आसपास के जिलों में पहचाना जाता है। औसतन 22 हजार हेक्टेयर जमीन में आलू की फसल होती है। इस बार यह रकबा इससे भी ज्यादा हो सकता है। क्योंकि इस बार आलू की महंगाई काफी रही और इसके चलते ही किसान आलू की फसल लगाने के लिए दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसलिए ही एनपीके की ज्यादा मांग है। किसानों ने जमीन किराए पर भी ली हैं। जिसमें आलू लगना है। खाद की मांग इतनी ज्यादा है कि किसान निजी केंद्रों से भी खाद खरीद रहे हैं। जिला उद्यान अधिकारी सुघर सिंह ने बताया कि एक हेक्टेयर जमीन में 120 से 150 किलोग्राम नाइट्रोजन की जरूरत रहती है। इसमें किसान को एक हेक्टेयर में औसतन छह पैकेट खाद लगानी चाहिए। क्योंकि एक पैकेट में 23 किलोग्राम नाइट्रोजन मिल जाता है। लेकिन किसान एक बीघा में तीन पैकेट तक लगा रहे हैं। यह फसल के लिए सही नहीं है। यही समस्या बन रही है।
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यह बोले किसान
एनपीके खाद आने से पहले ही वितरण की सूची तैयार कर ली जाती है। जरूरतमंद किसान को एनपीके खाद नहीं मिल पा रहा है। शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों के द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा। घंटों लाइन में लगने का भी कोई फायदा नहीं है। -राजीव यादव, किसान

40 बीघा भूमि में आलू लगाने हैं लेकिन खाद नहीं मिल रहा है। इससे परेशान हैं। संभल मंडी में चार-पांच दिन से आ रहे हैं लेकिन खाद नहीं मिल रहा है।
हरि सिंह, किसान

50 बीघा भूमि है। इनमें धान की फसल काट ली है और आलू बोने हैं। लेकिन 15-20 दिन से खाद नहीं मिल रहा है। कई स्थानों पर गए पर खाद नहीं मिला।
जाहिद हुसैन, किसान
तीन-चार दिन हो गए हैं लेकिन खाद नहीं मिल रहा है। आलू और गेहूं का बीज लगाना है। हर दिन समय दिया जा रहा है। -निहाल सिंह, किसान
किसान धैर्य रखें और खाद की कोई कमी नहीं है। लगातार आपूर्ति जिले में पहुंच रही है और वितरण भी किया जा रहा है। किसान जरूरत से ज्यादा की मांग कर रहे हैं। यदि वह जरूरत के हिसाब से खाद लेंगे तो किसी को कोई दिक्कत नहीं होगी। -वीरेंद्र प्रकाश उपाध्याय, एआर कोऑपरेटिव, संभल।
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