चंदौसी (संभल)। नवंबर 2024 में चलाए गए अतिक्रमण अभियान का खामियाजा मोहल्ला शक्तिनगर के लोग आज तक झेल रहे हैं। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण अभियान में भेदभाव किया गया। रसूखदारों के सामने नियम कानून ताख पर रख दिए गए। जिससे नाला निर्माण आड़ा तिरछा कराया जा रहा है। चोक नाले में रुके गंदे पानी से मच्छर पनप रहे हैं। जिससे काॅलोनी वासियों में रोष है।
तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर विनय मिश्रा की अगुवाई में शहर में बारिश के पानी से होने वाले जलराव से बचाव के लिए अतिक्रमण अभियान चलाया गया था। जो दिसंबर माह में डिप्टी कलेक्टर के महाकुंभ में जाने के कारण दम तोड़ गया। इसी दौरान शक्तिनगर में भी अतिक्रमण अभियान चलाया गया था। डिप्टी कलेक्टर ने कुछ हिस्से को अतिक्रमण मुक्त करा दिया था। जबकि जबकि कुछ हिस्से पर निशान लगा गए थे। उनके जाने के बाद रसूखदारों का बोलबाला हो गया। रसूखदारों के अतिक्रमण को ध्वस्त करने के लिए औपचारिकता निभा दी गई। पिछले दो माह से शक्तिनगर में नाला सड़क के दोनों ओर नाला निर्माण का कार्य चल रहा है। लोगों का कहना है कि जहां निशान लगाए गए थे। उस हिस्से को ध्वस्त नहीं किया गया। जिससे नाला आड़ा तिरछा बन रहा है। जिससे नाला सुचारु होने पर नाला आए दिन चोक हो जाएगा। प्रशासन ने भेदभाव की भावना से कार्य किया है।
-
लोगों का सता रहा बीमारियों का भय
शक्तिनगर में नाला निर्माण के दौरान पुराने नाला चोक पड़ा है। जिससे मच्छर पनन रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निकासी बाधित होने से मच्छर पनप रहे हैं। खुले में बैठना मुश्किल हो गया है। बीमारियों के फैलने का भय बना हुआ है।
कालोनी में नाले का जो निर्माण कराया जा रहा है। वह नियम विरुद्ध है। नाला आड़ा तिरछा बनाया गया है। जिससे आगे चल कर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अतिक्रमण अभियान बैनामे देख कर चलाया जाना चाहिए था। -मुकेश चंद्र सक्सेना, नागरिक
अतिक्रमण अभियान में रसूखदारों का बोलबाला रहा। नाला आड़ा तिरछा बनाया जा रहा है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अतिक्रमण अभियान के दौरान जो निशान लगाए गए थे उसके हिसाब से अतिक्रमण नहीं हटाया गया। -राजेंद्र कुमार, नागरिक
-
अतिक्रमण अभियान के दौरान कुछ भवन ऐसे भी हैं जिन पर निशान लगाए गए थे लेकिन निशान का दरकिनार करके कार्य किया गया। रसूखदारों को लाभ पहुंचाने का कार्य किया गया। प्रशासन ने भेदभाव की भावना से कार्य किया। -मनोहर लाल, नागरिक
नाला निर्माण के दौरान यहां घरों से आ रहे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं की गई। जिससे पुराना नाला चोक पड़ा है। मच्छर अधिक पनप रहे हेैं। जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। बीमारियों के फैलने का भय बना हुआ है। -विशाल सोलंकी, नागरिक।