कैलादेवी व खिरनी के फीडर को गुन्नौर से जोड़े जाने के विरोध में शनिवार को खिरनी में किसानों की महापंचायत में हुई। महापंचायत में किसानों ने कहा कि कैलादेवी व खिरनी फीडर को संभल से जोड़ा जाए। ताकि किसानों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। किसान चौथे दिन भी धरने पर बैठे रहे।
शनिवार को क्षेत्र के गांव खिरनी बिजली घर पर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली के नेतृत्व में किसानों की महापंचायत आयोजित हुई। महापंचायत में कई गांवों के सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। महापंचायत में जिलाध्यक्ष राजपाल यादव ने कहा कि जनभावनाओं को निरादर कर संभल के निकटवर्ती कैलादेवी व खिरनी बिजलीघरों को गुन्नौर उप खंड से जोड़ना निंदनीय व दुर्भाग्यपूर्ण है। मोहम्मद वारिस ने कहा कि विद्युत विभाग कैलादेवी व खिरनी बिजलीघर को गुन्नौर से जोड़कर किसानों को परेशान करने का काम किया जा रहा है। किसानों की समस्या के प्रति प्रशासनिक उदासीनता से किसानों में रोष व्याप्त है।
पंचायत में निर्णय लिया गया कि गुन्नौर विद्युतखंड से कैलादेवी व खिरनी बिजली घरों को जोड़ने के विरोध में किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल 8 जनवरी को मुरादाबाद मुख्य अभियंता पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम से मिलकर समस्याओं का अवगत कराएगा। समस्याओं का समाधान न होने पर आंदोलन की अगली रणनीति के लिए 11 जनवरी को खिरनी बिजली घर पर महापंचायत होगी। महापंचायत में आशिक रजा, अफसर अली, संजीव गांधी, दलवीर सिंह, जगपाल सिंह, ब्रहमचारी यादव, हाजी महबूब अली, दिलशाद हुसैन, सुलेमान, मोहम्मद हफीज, नेम सिंह, जगदीश, मोहममद तालिब, नौनिहाल सिंह, समरपाल सिंह, राम सिंह, अभयराम, जयदेव सिंह, सुलेराम सिंह रहे। अध्यक्षता सुल्तान सिंह यादव व संचालन अमर सिंह देवल ने किया।