नगर पालिका के संविदा कर्मचारियों ने भविष्य को सुरक्षित करने, बच्चों की पढ़ाई, घर बनाने व अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए वेतन से ईपीएफ कटवाया था। पालिका ने कर्मचारियों से वेतन से काटी गई 57.75 लाख रुपये की धनराशि को उनके ईपीएफ खातों में जमा करने के बजाय अन्य कार्यों में खर्च कर दिया। कर्मचारियों के वेतन से काटी गई धनराशि उनकी अपनी है, उसे किसी अन्य कार्य अथवा मद में खर्च नहीं किया जा सकता है। इस मामले में जिम्मेदारों के खिलाफ ईपीएफ अधिनियम 7(A) के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
चंदौसी नगर पालिका में 110 संविदा कर्मचारी हैं। कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम के तहत बचत के रूप में संविदा कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ की कटौती की जाती है। नियम के तहत 1800 रुपये (12 फीसदी) कर्मचारी के वेतन से और 13 फीसदी यानि 1950 रुपये नगर पालिका को अपनी ओर से जमा करने होते हैं। यानि प्रत्येक माह संविदा कर्मचारी के ईपीएफ खाते में 3750 रुपये जमा होने चाहिए। नगर पालिका चंदौसी जून 2021 से संविदा कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ की कटौती कर रही है। 14 माह का समय बीत गया लेकिन पालिका ने कर्मचारियों के खाते में काटी गई ईपीएफ की धनराशि को उनके खातों में जमा नहीं किया है। इस मामले में पालिका कर्मचारी कई बार शिकायत भी कर चुके हैं लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।