संभल। जिले में राष्ट्रीयकृत बैंकों की विभिन्न शाखाओं पर गुरुवार को हड़ताल का असर रहा। इसकी वजह से 50 करोड़ रुपये के लेनदेन प्रभावित होने का अनुमान है। तमाम ग्राहकों को बैंक में हड़ताल की तख्ती देखकर लौटना पड़ा। दिक्कत उस समय और बढ़ गई जब एटीएम भी धोखा दे गए।
ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन और ऑल इंडिया बैंक आफीसर्स एसोसिएशन ने निजीकरण के विरोध में और मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था। संभल जिले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सहकारी, निजी और ग्रामीण बैंक इसमें शामिल नहीं हुए। हड़ताल का सबसे अधिक असर इंडियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक की शाखाओं में रहा।
एक बैंक अधिकारी ने बताया कि जिले में 18 बैंकों की 178 शाखाओं में एक दिन में 150-200 करोड़ रुपये का लेनदेन होता है। इसमें 40-50 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है क्योंकि लिपिक संवर्ग की हड़ताल का सबसे अधिक असर लेनदेन पर पड़ा। कई बैंकों में शाखा प्रबंधक हड़ताल पर नहीं थे लेकिन कैशियर हड़ताल पर होने से कैश का काउंटर चालू नहीं हो सका। इस दौरान शाखा प्रबंधक ने लंबित काम निबटाए। कैश के लेनदेन के लिए आए ग्राहकों को वापस लौटना पड़ा।