चंदौसी के शहर इमाम के पद पर मुस्लिम समुदाय दो फाड़ नजर आ रहा है। शहर इमाम रहे हाफिज मुहम्मद हारून के इंतकाल के बाद से ही नए शहर इमाम के चुने जाने को लेकर अटकले तेज हो गई थी। सात फरवरी को कंपनी बाग में हुई बैठक में नायब शहर इमाम हाजी मरगूब को नया शहर इमाम घोषित कर दिया गया। लेकिन वहीं मुस्लिम समुदाय के दूसरे पक्ष ने इस चयन को खारिज करते हुए विरोध करना शुरू कर दिया। शुक्रवार को दिनभर विरोधी पक्ष ने बैठकें करते विरोध जताया तो वहीं हाजी मरगूब पक्ष ने समर्थन में बैठक की। दोनों ही पक्ष में अपने अपने साथ भारी जनसमर्थन को साबित करने के लिए शक्ति प्रदर्शन में जुटे है।
बाद नमाजे जुमा मस्जिद कला (बड़ी मस्जिद) जारई गेट में हाजी मुहम्मद रफीक की सदारत में आयोजित बैठक में हाजी मरगूब को शहर इमाम बनाने के निर्णय को गैरकानूनी करार देते हुए खारिज किया गया। नए शहर इमाम के चयन के लिए 14 फरवरी को सुबह दस बजे से एफआर इंटर कालेज में बड़ी सभा बुलाने का ऐलान किया गया। सभी ने एक स्वर में कहा कि शङर का इमाम आलिम व दीन का जानकार होना चाहिए। इसमें सलीम सैफी, बदरे आलम, मास्टर अकील, बहारे आलम, ईदगाह कमेटी के उपाध्यक्ष हाजी बाबू हुसैन, डा.बदरुज्जमा, मुशीरुद्दीन, शाहिद, जुल्फिकार सैफी, अनीस कुरैशी आदि बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।
मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी की बैठक में भी सात फरवरी को शहर इमाम के चुनाव को गलत बताते हुए हाजी मरगूब को शहर इमाम मानने से इनकार किया गया। चेतावनी दी गई कि यदि हाजी मरगूब को शहर इमाम बनाया गया तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें आजम खान, नजारुल सैफी, नूरी मुस्तफा, इमरानन कुरैशी, महफूज खां, फैसल कुरैशी, आलम अली, इमरान तुर्की, कमालउल्ला, साजिद सैफी आदि शामिल रहे।
मानव सुरक्षा एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष मुहम्मद इशत्याक, सीबी कालोनी विकास मंच के उपाध्यक्ष मुहम्मद जैद, फलाह वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष रहीस अहमद सैफी, , जारई गेट विकास मंच के अध्यक्ष इमरान लतीफी, अंजुमन मुहिब्बाने रजा कमेटी के अध्यक्ष खालिद हुसैन आदि ने भी हाजी मरगूब के शहर इमाम बनाए जाने का विरोध जताया है।