धनारी क्षेत्र में बिजली विधेयक की प्रतियां फूंकते भाकियू असली के पदाधिकारी
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संभल। बिजली संशोधन विधेयक-2022 के विरोध में भाकियू असली के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रतियां जलाकर कहा कि ये देश के किसानों के साथ विश्वासघात है। राज्यों के साथ गहन चर्चा के बिना इसे लागू नहीं किया जाना चाहिए।
बुधवार को भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली के कार्यकर्ता बड़ा ताजुद्दीन गांव में एकत्र हुए। यहां युवा जिलाध्यक्ष दिनेश सिरोही के आवास पर प्रदर्शन किया और बिजली बिल की प्रतियां जलाईं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजीव गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने वर्ष- 2019 में बिजली संशोधन विधेयक-2020 पेश किया जिसका विरोध हुआ तो तत्कालीन संयुक्त सचिव कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने नौ दिसंबर-2021 को लिखित में कहा था कि अब इस बिल को संसद में तब तक पेश नहीं किया जाएगा जब तक किसान संगठन या एसकेएम से चर्चा नहीं हो जाती। अब आठ अगस्त-2022 को संसद में विद्युत संशोधन विधेयक-2022 पेश किया गया जो किसानों के साथ विश्वासघात है।
उन्होंने कहा कि यह बिल देश के संविधान और संघीय ढांचे के खिलाफ है. इसे राज्यों के साथ बिना गहन चर्चा किए लागू नहीं किया जाना चाहिए। इस दौरान जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव, जयवीर सिंह यादव, अर्जुन सिंह, सत्यवीर सिंह, तेजपाल सिंह, मुदित सिरोही, मलखान सिंह, लेखराज सिंह आदि रहे।