संभल। नगर पालिका बोर्ड की बैठक में जीआईएस सर्वे के प्रस्ताव को लेकर जमकर हंगामा हुआ। करीब आधे घंटे तक चले विरोध के बावजूद असहमति जता रहे सभासद प्रस्ताव को रोकने में सफल नहीं हो सके और अंततः इसे स्वीकृति मिल गई। इस दौरान विरोध कर रहे एक सभासद बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए।
वहीं, प्रारंभिक अवशेष और वर्ष 2026-27 में प्रस्तावित व्यय को लेकर करीब 1 अरब 85 करोड़ 92 लाख रुपये का बजट मंजूर किया गया। साथ ही, चालू वर्ष में विभिन्न योजनाओं पर खर्च के लिए 1 अरब 67 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
नगर पालिका सभागार में पालिकाध्यक्ष आसिया मुशीर की अध्यक्षता में शनिवार सुबह करीब 11 बजे बोर्ड बैठक शुरू हुई। बैठक में छोटे-बड़े नलकूपों के रखरखाव के लिए पंप ऑपरेटर, प्लंबर, चौकीदार, इलेक्ट्रीशियन आदि के 100 आउटसोर्सिंग कर्मियों की तैनाती, 37 वार्डों में इंडिया मार्का हैंडपंप, नलकूप, पेयजल पाइपलाइन और वाटर कूलर के अनुरक्षण से संबंधित 3,31,11,259 रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इसके अलावा 94 निर्माण कार्यों की निविदा/कोटेशन, जो बोर्ड की स्वीकृति की प्रत्याशा में थे, उन पर 5,42,99,000 रुपये खर्च किए जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृत किया गया।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत सफाई व्यवस्था के लिए डोर-टू-डोर कार्य संचालन हेतु आउटसोर्सिंग के माध्यम से श्रमिकों की आपूर्ति, वाहनों के लिए डीजल और मरम्मत आदि पर 50.80 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। शहर में सड़क निर्माण समेत 378 कार्यों पर 29.73 करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव को भी बोर्ड ने स्वीकृति प्रदान की।
इसके बाद नगर पालिका सीमा क्षेत्र में स्थित संपत्तियों के जीआईएस सर्वे का प्रस्ताव रखा गया। अधिकारियों ने बताया कि इससे संपत्तियों की सही पहचान हो सकेगी और उचित करारोपण के माध्यम से पालिका की आय में वृद्धि होगी। इस सर्वे पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इस प्रस्ताव का सभासद मोहम्मद शौकीन, गगन वार्ष्णेय सहित कई सभासदों ने विरोध किया। उनका कहना था कि पहले जीआईएस सर्वे के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाए और उसके बाद अगली बैठक में प्रस्ताव रखा जाए। इसी मुद्दे पर बैठक में हंगामे की स्थिति बन गई।
ईओ डॉ. मणिभूषण तिवारी ने जीआईएस सर्वे को लेकर शासन की मंशा स्पष्ट करते हुए प्रस्ताव पारित करने का अनुरोध किया। नामित सभासद गोपाल शर्मा सहित अन्य नामित सदस्यों ने भी इसका समर्थन किया। काफी देर तक चली जद्दोजहद के बाद आपत्तियों के बीच प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस दौरान सभासद गगन वार्ष्णेय बैठक छोड़कर चले गए। इसके बाद भी बैठक जारी रही और अन्य प्रस्तावों को स्वीकृति मिलती रही।
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सड़क, नाली निर्माण, जलापूर्ति और प्रकाश व्यवस्था पर खर्च होंगे करोड़ों रुपये
संभल। नगर पालिका के ईओ डॉ. मणिभूषण तिवारी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बोर्ड की बैठक में 1 अरब 85 करोड़ 92 लाख रुपये का बजट पारित किया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं पर खर्च के लिए पालिका द्वारा प्रस्तावित 1 अरब 67 करोड़ रुपये के व्यय को भी मंजूरी प्रदान की गई है।
इसमें प्रमुख योजनाओं के तहत संपत्तियों का जीआईएस सर्वे, करीब 450 से अधिक बुनियादी एवं अवस्थापना संबंधी कार्य जैसे सड़क, नाली, फुटपाथ मरम्मत, पाथवे और इंटरलॉकिंग निर्माण शामिल हैं। इसके अलावा जल आपूर्ति पर 3.31 करोड़ रुपये खर्च करने और पथ प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ करने की योजनाओं को भी स्वीकृति मिली है।
पहली बार पालिका द्वारा जारी भवन एनओसी के लिए शुल्क निर्धारित किया गया है, साथ ही नामांतरण से संबंधित विलंब शुल्क भी तय किया गया है। इससे पालिका की राजस्व स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है। साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए करीब 13 करोड़ 39 लाख रुपये के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। संवाद
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सभासदों ने पार्कों का नामकरण महापुरुषों के नाम किए जाने की मांग की
सभासदों ने पालिकाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा कि चंदौसी मार्ग पर स्थित फाउंटेन पार्क का नाम बदलकर पं. दीनदयाल उपाध्याय पार्क किया जाए। सूर्य कुंड मंदिर के सामने स्थित पार्क का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क किए जाने की मांग की। कहा कि मुरादाबाद मार्ग पर तिकोनिया पार्क का नाम बदलकर लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क किया जाए। इसके अलावा नगर में किसी भी उपयुक्त स्थान पर महाराजा अग्रसेन महाराज की प्रतिमा लगवाने की स्वीकृति देने की मांग की। इस दौरान सभासद चंचल सनी गुप्ता, महावीर सिंह, मोहम्मद परवेज, राबिग पहलवान, मोहम्मद शौकीन, अनिल कुमार, राजेंद्र कुमार, मोहम्मद रिहान, पप्पू आदि रहे।
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खूंखार कुत्ते पकड़वाने की उठाई मांग
संभल। सभासद रिजवाना अजीम ने पालिकाध्यक्ष और ईओ को ज्ञापन सौंपा। जिसमें विकास कार्य कराने की मांग की। कहा कि वार्ड 22 कोट गर्वी में आवारा कुत्ते राह चलते काट लेते हें। जिससे स्कूली बच्चों और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुत्ते हमला कर लोगों को घायल कर रहे हैं। अभियान चलाकर खूंखार कुत्तों को पकड़वाया जाए। इसके लिए प्रस्ताव को पारित किया जाए। संवाद