सिरसी (संभल)। कस्बे में शहीदाने कर्बला हजरत इमाम हुसैन के बेटे हजरत जैनुल आबेदीन की शहादत पर रंजो गम के साथ अलम मुबारक और शबी-ए-ताबूत का जुलूस निकाला गया, जिसमें अंजुमनों ने नोहा पढ़ा और मातम किया।
मोहल्ला बाजार में इमाम बारगाह अली अकबर में हुई मजलिस में गदीरुल हसन उर्फ बाबू ने साथियों के साथ मर्सिया पढ़ा, जबकि मौलाना कंबर अब्बास ने मजलिस को संबोधित करते हुए इमाम हुसैन के भाई हजरत अब्बास के फजाइल और हजरत जैनुल आबेदीन के मसाइब बयान किए। मजलिस के बाद अलम मुबारक का जुलूस बरामद हुआ। जिसमें अंजुमन मुहाफिजे अजा, हुसैनी, रौनके अजा, बहारे अजा, शमीमे ईमान, गुंचाये इस्लाम, दास्ताने कर्बला, गोहरे अजा और फेजे पंजेतनी आदि ने नोहाख्वानी और सीनाजनी की।
जुलूस इमाम बारगाह हजरत अब्बास में पहुंचकर संपन्न हुआ। दूसरी ओर, सिरसी-बिलारी मार्ग पर बहमन काॅलोनी के इमाम बारगाह में हुई मजलिस में मर्सिया अजमल और उनके साथियों ने पढ़ा। मजलिस को मौलाना मोहम्मद अब्बास जैदी ने खिताब किया। मजलिस के बाद हजरत जैनुल आबेदीन का शबी-ए-ताबूत का जुलूस बरामद हुआ। जिसमें अंजुमनों ने नोहा पढ़ा और मातम किया। जुलूस इसी इमाम बारगाह में संपन्न हुआ।