चंदौसी। चंदौसी से चितौरा भूड़ बिसौली की 12 किलोमीटर सड़क लावारिस है। ग्रामीणों की तहसील दिवस में हुई शिकायत को अधिकारियों ने कागजों में उलझाकर रख दिया है। पीडब्ल्यूडी और जिला पंचायत विभाग इस सड़क को अपने विभाग का होने से इंकार कर चुके हैं। खास बात यह है कि तीन साल पहले राज्यमंत्री ने भी प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखकर सड़क निर्माण की बात कही थी। अब राज्यमंत्री ने स्वयं की निधि से दोबारा से इस मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव बनाकर भेजा है।
चंदौसी से रहोली, चितौरा होते हुए भूड़ बिसौली मार्ग की लंबाई करीब 12 किलोमीटर है। इस मार्ग से संभल व बदायूं जनपद के करीब 16 गांव जुड़े हुए हैं। बाजार व अन्य कामों के लिए चंदौसी शहर आना जाना पड़ता है। करीब दस साल पहले इस सड़क का निर्माण हुआ था। तीन साल से यह मार्ग टूट फूटा पड़ा है। इस मामले में ग्रामीणों ने 19 जुलाई 2019 को प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर मार्ग का निर्माण कराने की बात कही थी पर कोई कार्य नहीं हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने तीन बार तहसील समाधान दिवस में शिकायत की। अधिकारी द्वारा शिकायती पत्र पीडब्ल्यूडी विभाग को फॉरवर्ड कर दिया गया। पीडब्ल्यूडी विभाग ने शिकायत के निस्तारण में बताया कि मार्ग जर्जर हालत में है, पर यह मार्ग पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकार में नहीं है। वहीं जिला पंचायत ने भी निर्माण से हाथ खड़े कर दिए। आरईएएस ने बजट न होने का हवाला देकर निर्माण कराने में असमर्थता जता दी। सालों से ग्रामीण परेशान हैं, पर कोई समाधान नहीं हुआ।
एक नजर
सड़क मार्ग- लंबाई करीब 12 किलोमीटर, जर्जर व खस्ता हालत तीन किलोमीटर।
कुल गांव- संभल व बदायूं जनपद के करीब 16 गांव
आबादी- करीब 45 हजार
कब कब दिया गया शिकायती पत्र
1- ग्राम प्रधान रहोली उर्मिला की ओर से तहसील समाधान दिवस में 18 जून 2019 को
2- ग्रामीण अमित पाठक की ओर से तहसील समाधान दिवस में 16 जुलाई 2019 को
3- ग्रामीण अमित पाठक की ओर से तहसील समाधान दिवस में 20 अगस्त 2019 को
4- ग्राम प्रधान उर्मिला की शिकायत पर राज्यमंत्री गुलाव देवी की ओर से प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी 29 जून 2017 को
तहसील दिवस व अन्य विभागीय अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है। पर कोई समाधान नहीं हुआ। 16 से अधिक गांव के लोग सालों से परेशान हैं। चितौरा से रहोली के बीच और चंदौसी में भैतरी फाटक के पास तीन किलोमीटर मार्ग की हालत ज्यादा खराब है। तहसील दिवस की शिकायत कागजों में ही पूरी हो गई है। अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है।
उर्मिला देवी, निवर्तमान ग्राम प्रधान रहोली
यह मार्ग पीडब्ल्यूडी के अधिकार में नहीं हैं। पहले तहसील समाधान दिवस की शिकायतें आई हैं, अधिकार क्षेत्र में न होने के कारण उनका निर्माण नहीं कराया जा सका है।
किशनवीर सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
निर्माण के बाद यह मार्ग पीडब्ल्यूडी को नहीं सौंपा जा सका है। इसके लिए इस बार प्रस्ताव भेजा गया है। अबकी बार इसका निर्माण कराने के लिए शासन को भेजा जाएगा।
रोहित वार्ष्णेय, सहायक अभियंता आरईएस
चितौरा मार्ग की समस्या से मैं अवगत हूं। पहले पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव को पत्र भेजा गया था। पर यह विभाग आरईएस के अधीन है। इस बार मार्ग के निर्माण के लिए मैंने अपनी निधि से प्रस्ताव बनाकर भेजा है। जल्द ही शासन से स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
गुलाब देवी, राज्यमंत्री