ओबरी (संभल)। गांव बेला निवासी साजिद की गर्भवती पत्नी की झोलाछाप के उपचार से हालत बिगड़ गई। कोशिश के बाद सुधार न होने पर आठ घंटे बाद झोलाछाप ने हाथ खड़े कर दिए। परिजन उसे मुरादाबाद ले गए, जहां पर उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई।
असमोली थाना क्षेत्र के गांव बेला निवासी साजिद ने मंगलवार की शाम पत्नी गुलिस्ता (30) को प्रसव पीड़ा होने पर गांव के ही झोलाछाप के क्लीनिक में भर्ती करा दिया। उपचार के बाद गुलिस्ता की हालत बिगड़ने लगी तो आठ घंटे के बाद उसे अन्य अस्पताल में ले जाने की बात कही। परिजन उसे मुरादाबाद के पाकबड़ा स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, जहां पर बुधवार की सुबह 11 बजे उसकी मौत हो गई। जानकारी होने पर झोलाछाप क्लीनिक बंद कर भाग गया। वहीं परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के गुलिस्ता के शव को सुपुर्देखाक करने की तैयारी शुरू कर दी। बताते चलें कि करीब 20 दिन पहले गांव बेला के साजिद की पत्नी के प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई थी। तब दोनों पक्षों में सहमति होने पर मामला निपट गया था।