आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सनातन का विरोध करने वाला व्यक्ति भारत में राजनीति करने का हकदार नहीं हो सकता। उन्होंने खरगे के संतों और महात्माओं के खिलाफ अपमानजनक बयान देने की निंदा की।
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने खरगे के नाम पर सवाल उठाते हुए कहा कि मल्लिकार्जुन नाम से हिंदू प्रतीत होते हैं। उनके कृत्यों से ऐसा नहीं लगता कि वह हिंदू हैं। उन्हें पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह हिंदू हैं या नहीं।
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कोई भी हिंदू संतों और महात्माओं का अपमान नहीं कर सकता। जिस प्रकार से वह बयान दे रहे हैं ऐसा लगता है कि वह सनातन से चिढ़े हुए हैं। मुझे नहीं लगता कि जो व्यक्ति सनातन का विरोध करता है उसे भारत में राजनीति करने का अधिकार होना चाहिए। जो भारत के खिलाफ है वह सनातन के खिलाफ है।
वह एक वरिष्ठ नेता हैं, संतों का, सनातन का, और भगवा का अपमान करना उन्हें शोभा नहीं देता। यह ऋषि प्रधान देश है। संतों का अपमान करने वाली बातें किसी भी हिंदू के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकतीं। योगी आदित्यनाथ पर ऐसे घटिया टिप्पणियां करना मल्लिकार्जुन खरगे को शोभा नहीं देता।
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संविधान बचाओ सम्मेलन में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि कई नेता साधुओं के वेश में रहते हैं। वह राजनेता के साथ मुख्यमंत्री भी बन गए हैं। वह गेरुआ कपड़े पहनते हैं और उनके सिर पर बाल नहीं हैं।