जब तक आसपास खड़े लोग कुछ समझ पाते ट्रेन उसके ऊपर से गुजर गई। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। देर शाम बुजुर्ग की शिनाख्त की गई। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग अपनी मर्जी के खिलाफ पोते का रिश्ता कराने से आहत था। मृतक रघुवीर के पौत्र रतिभान की रविवार की शाम ग्राम बसंतपुर थाना रजपुरा से सगाई आनी थी।
रविवार की सुबह बरेली से चलकर दिल्ली जाने वाली पैसेंजर ट्रेन चंदौसी पहुंची तो अचानक प्लेटफार्म - एक पर खड़े एक वृद्ध ने ट्रैक पर छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रैक पर वृद्ध आगे लेट गए। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक ट्रैन उसकी शरीर के ऊपर से गुजर गई। बताया गया कि उसके पास बबराला रेलवे स्टेशन से चंदौसी तक का टिकट मिला। हादसे के बाद वहां लोगों की भीड़ लग गई। मौके पर राजकीय रेलवे पुलिस भी पहुंच गई। जिसने वृद्ध की जेबों की तलाशी ली।
पुलिस ने शिनाख्त कराने का प्रयास किया, लेकिन उस समय शिनाख्त नहीं हो सकी। देर शाम कांस्टेबिल राजवीर सिंह निवासी ग्राम फत्तेपुर थाना गुन्नौर वहां से गुजरा तो उसने मृतक की शिनाख्त अपने गांव के रघुवीर सिंह (65) पुत्र मिश्रीलाल यादव के रुप में की। सूचना पर परिजन भी चंदौसी रेलवे स्टेशन आ गए। शव को देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के पुत्र मुकुट सिंह ने बताया कि पिता सुबह पांच बजे चंदौसी रोटरी नेत्र चिकित्सालय से आंखों की दवाई लेने निकले थे। परिजनों ने आत्महत्या जैसी किसी बात से इंकार किया। हालांकि मौका-ए-वारदात की परिस्थतियां व प्रत्यक्षदर्शी इसे स्पष्ट रूप से खुदकशी बता रहे थे। पुलिस भी आत्महत्या की बात से इंकार नहीं कर रही है।
गांव से आए ग्रामीण भी दबी जुबान से बता रहे थे कि वह पोते के रिश्ते से नाराज थे। पौत्र रतिभान की रविवार की शाम ग्राम बसंतपुर थाना रजपुरा से सगाई आनी थी। पुत्र मुकुट सिंह ने पिता रघुवीर सिंह से चंदौसी जाने को मना भी किया था। लेकिन उन्होंने शाम से पहले लौट आने की बात कहकर चंदौसी चले आए। जहां शाम को गाजेबाजे के साथ सगाई समारोह होना था। वहां मातम छा गया। घर में कोहराम मचा हुआ था। पुलिस ने पंचनामा भर शव पोस्टमार्टम को भेजा है।