सब्जियों के राजा माने जाने वाले आलू ने नखरे दिखाए, तो हरी सब्जियां लोगों की पसंद बन गई। उनकी मांग में भी इजाफा हो गया। आलू की खपत को कम कर दिया। मौसम रंग बदल रहा है, ऐसे में हरी सब्जियां पहले की अपेक्षा सस्ती भी हुई है। वैसे भी मौसमी सब्जियां आलू को साथ लेकर नहीं चलती है।
इन दिनों कृषि उत्पादन मंडी समिति में हरी सब्जियों की मांग अच्छी खासी है। इसके पीछे कई कारण है, हरी सब्जियों के दाम कम होने के साथ साथ आलू की दामों में तेजी आना है। इस मौसम में लोग आलू की बजाय हरी सब्जियां खाना ज्यादा पसंद करते है।
मौसम में चलने वाली सब्जियां तुरई, लौकी, ग्वार की फली, भिंडी, करेला, कटहल आदि सब्जियों में आलू का इस्तेमाल नहीं होता है। यही कारण है कि आलू की मांग कम व हरी सब्जियों की मांग अधिक बनी हुई है। पहले मंडी में प्रतिदिन चार ट्रक आलू की खपत होती थी, जो इस समय घटकर दो ट्रक रह गई है। इसमें भी आलू बिकने से रह जाता है। जो व्यापारी अगले दिन बेचता है।