संभल। श्रम विभाग का पोर्टल अब खुल गया है। फरवरी-2024 से तकनीकी समस्या के कारण पोर्टल बंद था, जो एक साल बाद फरवरी माह से सुचारू हो पाया है। ऐसे में तमाम श्रमिक जो कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाना चाहते थे पर नहीं मिला। लेकिन अब उन लोगों को आवेदन करने की छूट दी गई है। इस अवधि के लाभार्थी न सिर्फ योजनाओं का लाभ पा सकते हैं, बल्कि वे विभाग में अपना अंशदान भी कर सकते हैं। ताकि भविष्य में योजनाओं का लाभ मिलता रहे।
सहायक श्रमायुक्त सुरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, संभल जिले में 1 लाख 21 हजार 325 श्रमिक पंजीकृत हैं। शासन स्तर से श्रमिकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। इसमें मातृत्व, शिशु हितलाभ एवं बालिका मदद योजना, कन्या विवाह अनुदान सहायता योजना और निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना प्रमुख हैं। इन योजनाओं का लाभ पाने के लिए श्रमिकों को श्रम विभाग के पोर्टल https://upbocw.org पर आवेदन किया जाता जाता है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभाग का पोर्टल नहीं खुला, जिस कारण श्रमिकों को योजनाओं का लाभ नहीं मिला। लेकिन अब यह पोर्टल खुल गया है। ऐसे में शासन ने जिस अवधि में पोर्टल बंद रहा, उस अवधि के लाभार्थियों को भी लाभांवित करने के उद्देश्य से ऑनलाइन आवेदन कराने की छूट दी है। यह आवेदन 31 मार्च तक किए जा सकते हैं।
कुल 167 आवेदनों में 71 की जांच पूरी, जल्द मिलेगा लाभ
मातृत्व, शिशु हितलाभ एवं बालिका मदद योजना के तहत अब तक जिले में 167 आवेदन हुए हैं। श्रम प्रवर्तन अधिकारियों ने इनमें 71 आवेदनों की जांच करके पात्र माना है। सहायक श्रमायुक्त के मुताबिक, ऑनलाइन आवेदनों का एक माह में निपटारा करना होता है, ऐसे में जल्द ही पात्र लाभार्थियों को योजना के तहत बेटा होने पर 20 हजार रुपये और बेटी होने पर 25 हजार रुपये बतौर आर्थिक मदद के तौर पर दिए जाएंगे।
ऐसे करा सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
श्रमिक निकटवर्ती जनसेवा केंद्र, या साइबर कैफे आदि जगहों पर पहुंचकर https://upbocw.org पर ऑनलाइन आवेदन करा सकते हैं। ऑनलाइन ही आवेदनों का सत्यापन होगा। इसके बाद लाभ मिल पाएगा। खास बात यह है कि पोर्टल बंद रहने से लाभांवित न होने वाले श्रमिकों को ऑनलाइन आवेदन करने की छूट दी गई, ताकि उन्हें भी लाभ सकें।
पोर्टल बंद रहने से तमाम श्रमिक आवेदन नहीं कर पाए थे, उनके लिए विशेष मौका है। वे 31 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कराकर योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।
सुरेंद्र कुमार सिंह, सहायक श्रमायुक्त, संभल