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जेएनयू में जांचोंपरांत देशद्रोहियों को सजा मिले: अजीज कुरैशी

Wed, 17 Feb 2016 12:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
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 उत्तराखंड एवं यूपी के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने कहा कि जेएनयू में जो हुआ यदि वह सही है तो निंदनीय है, इसकी उच्च स्तरीय जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को गोली मारने वाले का समर्थन भी देशद्रोह है, ऐसे लोगों पर भी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी मंगलवार को चंदौसी में बसपा नेता हाजी मुहम्मद ताहिर के आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने सवालों का बेबाकी से जवाब देते हुए कहा कि कश्मीर में जब तक कश्मीरी पंडितों को ससम्मान वापस लाकर नहीं बसाया जाएगा, तब तक जम्मू कश्मीर में स्वस्थ समाज की स्थापना संभव नहीं है। पाकिस्तान को अमेरिका ने ही असलहा मुहैया कराए हैं, उसकी जमीन का आतंकवाद के लिए इस्तेमाल किया है।



दुनियाभर में आतंकवाद की पीछे अमेरिका ही है। बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी महागठबंधन बनना चाहिए, सोनियां गांधी की अगुवाई में मुलायम सिंह यादव की सहभागिता से महागठबंधन बने तभी सांप्रदायिक ताकतों से मुकाबला किया जा सकता है। कांग्रेस सिर्फ राजनीतिक पार्टी नहीं बल्कि विचारधारा है। जेएनयू में पाकिस्तान और अफजल गुरुके समर्थन में नारेबाजी का सवाल उठाया गया तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो हुआ यदि वह सही है तो निंदनीय है। पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।  इसमें जो सर्वाधिक शोर मचाने वाले वहीं लोग हैं तो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को गोली मारने वाले के समर्थक हैं, वह भी तो देशद्रोह था, उसके समर्थकों को भी सजा मिलनी चाहिए।
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