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पोलियो अभियान के पहले दिन कहीं देर से पहुंची वैक्सीन तो कहीं जल्दी चली गईं आशाएं

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संभल। रविवार को जिलेभर में राष्ट्रीय पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत अभियान चलाया गया। रजपुरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में फीता काटकर बूथ का शुभारंभ मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अजय सक्सेना द्वारा किया गया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित बच्चों को पोलियो की दो बूंद खुराक पिलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। बूथ पर कोर पीसीआई जन कल्याण समिति के द्वारा की गई सज्जा मुख्य आकर्षण का केंद्र थी। बूथ पर ही एक सेल्फी प्वाइंट बनाया गया। जहां बच्चों के अभिभावकों ने बच्चों को खुराक पिलाने के बाद अपनी अपनी सेल्फी ली। इस दौरान डा. रामजीलाल, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद अनस, अरबाब मेंहदी, निदा परवीन, गोपाल शर्मा, तरन्नुम निशा, मोहम्मद रफीक अहमद, अरशद रसूल, डा. दानिश, डा. शिशुपाल, डा. अजय त्यागी आदि मौजूद रहे।
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चार बूथों पर ढाई घंटे देरी से पहुंची पोलियो की वैक्सीन
संभल। रविवार को पोलियो अभियान के पहले दिन पवांसा ब्लॉक क्षेत्र के चार बूथों पर ढाई घंटे देरी से वैक्सीन पहुंची। इससे पोलियो अभियान प्रभावित हुआ। गांव मऊभूड़, अख्त्यारपुर चौबे, मिलक मऊभूड़ और सैंजना में 10.30 बजे पोलियो की वैक्सीन पहुंची। जबकि वैक्सीन सुबह आठ बजे पहुंचनी थी। डा. जितेंद्र राघव ने बताया कि जिस वाहन से वैक्सीन भेजी गई थी, वह वाहन गांव लहरा कमंगर में खराब मार्ग पर फंस गया। इसी कारण ढाई घंटे देरी से पहुंची।
दो बूथों पर नहीं मिली आशाएं
पवांसा ब्लॉक क्षेत्र के गांव धुरैटा स्थित प्राथमिक विद्यालय में बने पोलियो बूथ पर दोपहर 1.42 बजे कोई नहीं मिला। ग्रामीणों ने बताया कि पोलियो की खुराक देने वाली आशाएं एक बजे चली गईं। वहीं दूसरे गांव विक्रमपुर ताहरपुर में भी दोपहर एक तीन बजे कोई आशा नहीं मिलीं। ग्रामीणों ने बताया कि पोलियो पिलाने के लिए आशाएं आई थीं लेकिन वह चली गईं।
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