संभल। जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में उपद्रवियों के द्वारा अलग-अलग बोर के विदेशी कारतूस चलाए गए थे। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस को छानबीन में अमेरिका और पाकिस्तान निर्मित कारतूस और खोखे मिले थे। बैलिस्टिक विशेषज्ञों से इन कारतूस और खोखे की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। जांच रिपोर्ट को बवाल की चल रही विवेचना में शामिल किया जाएगा।
24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद का सर्वे करने पहुंची टीम को लेकर भीड़ उग्र हो गई थी। जामा मस्जिद के नजदीक पुलिस पर पत्थरबाजी और फायरिंग की थी। साथ ही कई वाहनों को फूंक दिया गया था। इसके बाद नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा में भी भीड़ ने उपद्रव किया था। जामा मस्जिद के नजदीक विदेशी कारतूस भी उपद्रवियों ने चलाए थे। बवाल के बाद पुलिस को छानबीन के दौरान 9एमएम, 7.65 एमएम, 32 और 12 बोर के कारतूस मिले थे। यह पाकिस्तान और अमेरिका निर्मित कारतूस थे। मौके से मिले कारतूस और खोखे जांच के लिए बैलिस्टिक विशेषज्ञों को दिए गए हैं। बैलिस्टिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट को पुलिस विवेचना में शामिल करेगी। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि अभी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। विवेचना तेजी से पूरी कराई जा रही है। जो भी विशेषज्ञों की रिपोर्ट मिलेगी उन रिपोर्ट को विवेचना में शामिल किया जाएगा। मालूम हो बवाल के मामले में 73 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। जिसमें चार महिलाएं भी शामिल हैं।